नए साल में 10 लाख नौकरियों का तोहफा

रिपोर्ट
12 प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों की करीब 4,450 कंपनियों पर किए गए सर्वे का नतीजा
वर्ष 2012 में विभिन्न सेक्टरों में पैदा हुई थीं करीब 7 लाख नई नौकरियां
नए प्राइवेट बैंकों के गठन की मंजूरी और रिटेल में एफडीआई से दोनों सेक्टरों में बढ़ेंगी नौकरियां
एफएमसीजी सेक्टर 1.76 लाख नौकरियों के साथ पहले पायदान पर रह सकता है
नौकरी का इंतजार कर रहे लोगों को नए साल का स्वागत दोगुनी उत्साह के साथ करना चाहिए। एक सर्वे के मुताबिक नए साल में एफएमसीजी और रिटेल सहित विभिन्न सेक्टरों में करीब 10 लाख नौकरियां आपका इंतजार कर रही हैं।
अनिश्चित आर्थिक माहौल के बावजूद वर्ष2013 में प्रमुख सेक्टरों में 10 लाख नौकरियों का अनुमान 2012 के 7 लाख नौकरियों के मुकाबले काफी अच्छा है। माईहायरिंगक्लबडॉटकॉम की ओर से 12 प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों की करीब 4,450 कंपनियों पर किए गए सर्वे में यह नतीजा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक ये सभी नौकरियां संगठित क्षेत्र में अगले एक साल में पैदा होंगी।
माईहायरिंगक्लबडॉटकॉम के सीईओ राजेश कुमार ने कहा कि नौकरियां चाहने वालों के लिए नया साल बहुत अच्छा रहने वाला है।इस दौरान 10 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा होंगी। विभिन्न आर्थिक परिस्थितियों के कारण 2013 नियोक्ताओं और नौकरी चाहने वालों दोनों के लिए बेहतर साबित होगा।
संसद ने निजी क्षेत्र को नए बैंक खोलने की इजाजत हाल ही में दी है। ऐसे में बैंकिंग सेक्टर के विस्तार के कारण इसमें नई नौकरियों की स्थिति बेहतर होगी। एफडीआई की मंजूरी के कारण रिटेल सेक्टर में भी भारी नौकरियां पैदा होंगी क्योंकि इस दौरान कई विदेशी कंपनियां सेक्टर में प्रवेश कर सकती हैं।
साइके पैनेसिया मैनेजमेंट के सीईओ विकास वत्स का कहना है कि 2013 में 2012 के मुकाबले हायरिंग में 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।एफएमसीजी, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर नए साल में सबसे ज्यादा नौकरियां देने वाले साबित हो सकते हैं।यदि सबकुछ उम्मीद के मुताबिक चलता रहा तो ज्यादातर सेक्टरों में नौकरियों की भरमार रहेगी।
कुछइसी तरह के विचार सैट-एन-मर्स मैनपावर कंसल्टेंट की डायरेक्टर प्राची कुमारी ने कहा कि 2013 नौकरियां पैदा करने के मामले में शानदार साबित हो सकता हैऔर नौकरियों की स्थिति में 2012 के मुकाबले सुधार रहेगा।एफएमसीजी 1.76 लाख नौकरियों के साथ पहले पायदान पर रह सकता है, इसके अलावा हेल्थकेयर में 1.72 लाख, आईटी में 1.69 लाख, आतिथ्य में 1.06 लाख और रिटेल सेक्टर में 1.02 लाख नईनौकरियां पैदा हो सकती हैं।









