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एमपी में 5,214 करोड़ का सरप्लस बजट

बिजनेस भास्कर भोपाल | Feb 23, 2013, 01:31AM IST

उद्योगों के लिए खास
प्लांट एवं मशीनरी पर प्रवेश कर दो फीसदी से घटाकर एक फीसदी
इससे प्रदेश में प्लांट स्थापित करने वाली कंपनियों को राहत मिलेगी
नये इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने के लिए बजटीय प्रावधान
एसएमई के लिए
एक लाख रुपये तक के मॉर्गेज पर स्टांप शुल्क 100 रुपये लगेगा
दो लाख से अधिक मूल्य के मॉर्गेज पर 0.25 फीसदी स्टांप शुल्क
एक करोड़ तक टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए ई-रिटर्न जरूरी

मध्य प्रदेश के वित्तमंत्री राघवजी ने शुक्रवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2013-14 का बजट पेश किया। इस चुनावी बजट में 91,947 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान है जो 2012-13 के 80,031 करोड़ की तुलना में करीब 15 फीसदी अधिक है।

अपने इस लगातार दसवें बजट में राघवजी ने 12,218.53 करोड़ रुपये राजकोषीय घाटे का अनुमान व्यक्त किया है जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 2.98 फीसदी है। बजट में 170 करोड़ रुपये की कर राहत दी गई है तो इस राशि की वसूली के लिए धान पर परचेज टैक्स और देसी-विदेशी शराब पर पांच फीसदी वैट का प्रावधान किया गया है।

बजट में कृषि, उद्योग और सामाजिक क्षेत्र (स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला बाल विकास) पर विशेष ध्यान दिया गया है। करीब 5,214 करोड़ रुपये के सरप्लस बजट में किसानों को बिजली सब्सिडी के लिए 1700 करोड़ और ब्याज मुक्त कर्ज के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सर्वाधिक 40 फीसदी वृद्धि उद्योग विभाग के बजट में की गई है।

चुनावी बजट होने के कारण आम लोगों पर करों का नया बोझ नहीं लादा गया है लेकिन ज्यादा रियायतें भी नहीं हैं। आम लोगों के लिए सबसे बड़ी रियायत रसोई गैस पर एंट्री टैक्स 6.47 फीसदी से घटाकर दो फीसदी करना है। इससे प्रदेश में रियायती दरों पर मिलने वाला गैस सिलेंडर 20 रुपये और बिना रियायत वाला सिलेंडर करीब 45 रुपये सस्ता हो जाएगा।

बजट में 54,339 करोड़ रुपये नॉन प्लान (आयोजनेत्तर) मद में हैं जो कुल बजट का 59.09 फीसदी है। आयोजना व्यय के लिए 37,608 करोड़ का प्रावधान है जो कुल बजट का 40.41 फीसदी है। इसमें राज्य आयोजना का हिस्सा 32,060 करोड़ रुपये है। आयोजना व्यय बीते वर्ष के 31,743 करोड़ रुपये की तुलना में 18 फीसदी अधिक है।

राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष के अनुमान के बराबर 2.98 फीसदी यानी 12,212 करोड़ रहने का अनुमान है। राघवजी ने 79,603.47 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्तियों का अनुमान व्यक्त किया है। इसमें राज्य के स्वयं के कर की राशि 33,381.68 करोड़ रुपये है। यह वित्त वर्ष 2012-13 के 28,312 करोड़ के मुकाबले 17.91 फीसदी अधिक है।  

बजट में जहां कुछ वस्तुओं पर राहत दी गई है तो देसी-विदेशी शराब पर पांच फीसदी वैट लगाकर इसे महंगा किया गया है। धान पर गेहूं की तरह परचेज टैक्स लगने से मिलर्स के लिए थोड़ी परेशानी बढ़ी है। किसानों के लिए उपयोगी रोटावेटर पर 13 फीसदी कर को पूरी तरह हटा दिया गया है। कुछ वस्तुओं पर वैट की दर 13 से घटाकर पांच फीसदी की गई है।

बजट में सर्वाधिक फायदा औद्योगिक क्षेत्र को दिया गया है। प्लांट एवं  मशीनरी पर प्रवेश कर दो फीसदी से घटाकर एक फीसदी कर दिया है। इससे प्रदेश में प्लांट स्थापित करने वाली कंपनियों को राहत मिलेगी। इसी प्रकार निर्माण क्षेत्र में मैन्युफैक्चरिंग में नेचुरल गैस पर प्रभावी पांच फीसदी वैट पर पूरी इनपुट टैक्स रिबेट देने की घोषणा की गई है।

स्पोट्र्स क्लब द्वारा अपने नियमित सदस्यों के लिए आयोजित खेल गतिविधियों और एम्यूजमेंट पार्क की गतिविधियों पर मनोरंजन शुल्क 20 से घटाकर 10 प्रतिशत किया गया है। ऐसे सिनेमाघर जिनमें एसी हैं और नगर निगम सीमा के बाहर हैं उन्हें 50 रुपये तक के टिकट पर मनोरंजन शुल्क की छूट मिलेगी। बजट में ऑटो, टैक्सटाइल और इंजीनियरिंग क्षेत्र के उद्योग के लिए कई प्रकार के प्रवेश कर और आईटीआर से छूट दी गई है।

लघु उद्यमियों को राहत देते हुए सरकार ने एक लाख रुपये तक के मॉर्गेज पर 100 रुपये और दो लाख से अधिक रुपये मूल्य के मॉर्गेज पर 0.25 फीसदी स्टांप शुल्क तय किया गया है। अभी तक 60 लाख तक का व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को कंपोजीशन का लाभ दिया जाता था, अब इसकी सीमा बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दी गई है।

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मध्य प्रदेश के वित्तमंत्री राघवजी ने शुक्रवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2013-14 का बजट पेश किया।

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