Home » Karobar Jagat » Company News » 35 Per Cent Dip In First Quarter Net Profit Of Cell

पहली तिमाही में सेल का मुनाफा 35 फीसदी घटा

बिजनेस भास्कर नई दिल्ली | Aug 15, 2013, 00:09AM IST
पहली तिमाही में सेल का मुनाफा 35 फीसदी घटा

झटका - कंपनी के लगभग सभी संयंत्रों के राजस्व में गिरावट

अर्थव्यवस्था में सुस्ती का असर स्टील बनाने वाली कंपनियों के परिणाम पर भी दिखने लगा है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) का शुद्ध लाभ 451 करोड़ रुपये रहा जो कि एक वर्ष पहले की इसी अवधि के 696 करोड़ रुपये के मुकाबले 35 फीसदी कम है।  

इस्पात मंत्रालय के सार्वजनिक उपक्रम सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सी. एस. वर्मा ने बुधवार को संवाददाताओं को बताया कि बाजार की प्रतिकूल परिस्थितियों की वजह से कंपनी का नेट सेल्स रियलाइजेशन 10.9 फीसदी प्रति टन रहा।

इससे कंपनी का लाभ काफी हद तक प्रभावित हुआ। उन्होंने बताया कि पहली तिमाही कंपनी की बिक्री की हिसाब से बेहद महत्वपूर्ण रहा। इस दौरान कंपनी ने कुल 26.2 लाख टन इस्पात की बिक्री की जो कि एक वर्ष पहले की इसी अवधि के 24.9 लाख टन के मुकाबले पांच फीसदी ज्यादा है।

इस दौरान वैल्यू एडेड स्टील का उत्पादन भी रिकॉर्ड 12.9 लाख टन रहा जो कि वार्षिक आधार पर चार फीसदी की वृद्धि दर्शाता है।  उन्होंने बताया कि अप्रैल से जून 2013 की तिमाही कंपनी के लिए कुछ अच्छे सौगात भी लेकर आयी। इस दौरान सेल द्वारा ऋण पर चुकाए जा रहे ब्याज की औसत दर घट कर 5.5 फीसदी पर आ गई।

इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमतों में तीव्र उतार चढ़ाव के प्रतिकूल परिणाम से बचने के लिए विदेशी मुद्रा वाले ऋण को कम किया गया और हेजिंग भी की गई। उन्होंने बताया कि कंपनियों के कर्मचारियों की संख्या भी अब रिकॉर्ड एक लाख से नीचे आ गई है। हालांकि वेतन वृद्धि से कंपनी पर खर्च का बोझ बढ़ा है।  

सी. एस. वर्मा ने बताया कि पिछले दिनों भी सेल को कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियां मिलीं। कंपनी के स्टील प्लांट से निकले स्टील से बना एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत का जलावतरण हुआ तो कंपनी के राउरकेला स्टील प्लांट में देश का सबसे बड़ा ब्लास्ट फर्नेस 'दुर्गा' ऑपरेशनल हो गया।

करीब 1,600 करोड़ रुपये की लागत से बने ब्लास्ट फर्नेस के चालू हो जाने से सेल की हॉट मेटल क्षमता में 25 लाख टन सालाना की वृद्धि हो जाएगी।

अभी राउरकेला स्टील प्लांट की क्षमता 20 लाख टन सालाना की है। इस फर्नेंस की कैंपन लाइफ 20 वर्षों की होगी।   इसी के साथ राउरकेला प्लांट में स्टील मेल्टिंग शॉप-2 में एक नए स्लैब कास्टर का भी उद्घाटन किया गया।

आपकी राय

 

अर्थव्यवस्था में सुस्ती का असर स्टील बनाने वाली कंपनियों के परिणाम पर भी दिखने लगा है। चालू वित्त वर्ष की

  
आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
5 + 5

 
विज्ञापन
 

मार्केट

Ethical voting

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

स्पोर्ट्स

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment