नई दिल्ली. विप्रो के फाउंडर और चेयरमैन अजीम प्रेमजी 390 अरब रुपये का दान देकर सबसे बड़े भारतीय दानदाता बन गए हैं। इससे पहले वह अमेरिकी उद्योगपति और निवेशक वारेन बफेट के 'गिविंग प्लेज' से जुड़ने वाले पहले भारतीय अरबपति बने थे और 'गिविंग प्लेज' ने उम्मीद जताई थी कि प्रेमजी गरीबों और लाचारों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए अपनी संपत्ति का कम से कम आधा हिस्सा दान करेंगे। 'गिविंग प्लेज' गरीबों और असहायों के कल्याण के लिए काम करने वाला अरबपतियों का संगठन है।
विप्रो के फाउंडर और चेयरमैन अजीम प्रमेजी इससे पहले भी शिक्षा के लिए 9,000 करोड़ रुपए दान में देने देने का वादा कर चुके हैं। उन्होंने एक बयान में कहा था कि अब वह इस काम के लिए बनाए गए अपने फाउंडेशन ज्यादा धन लगाएंगे। दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स और बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन वॉरेन बफेट ने 'गिविंग प्लेज' की शुरुआत की थी।
गेट्स और बफेट के पास मिलाकर 110 अरब डॉलर की संपत्ति है। उन्होंने अमेरिका के कई बिलियनेयर्स को 'गिविंग प्लेज' का हिस्सा बनाया है। उन्होंने अपनी अधिकांश संपत्ति चैरिटी में लगाई है। ऑर्गनाइजेशन ने मंगलवार को अमेरिका से बाहर पहली वेल्थी फैमिली के 'गिविंग प्लेज' से जुड़ने की जानकारी दी। अब इससे जुड़े लोगों की संख्या 105 हो गई है। प्रेमजी के साथ वर्जिन ग्रुप के रिचर्ड ब्रैनसन भी इससे जुड़े हैं।
भारत में प्रेमजी फिलॉनथ्रॉपी के प्रमोटर और सपोर्टर रहे हैं। पिछले साल जून में उन्होंने भारत के कई रईसों को इस बारे में चर्चा के लिए जुटाया था। हालांकि, उस इवेंट में खुलकर किसी ने इसका वादा नहीं किया, लेकिन इसमें शामिल होने वाले करीब 50 लोगों को देश के विकास के लिए किन क्षेत्रों पर ध्यान देने की जरूरत है, उसका अहसास हुआ। कॉफी डे चेन के फाउंडर और सॉफ्टवेयर कंपनी माइंडट्री में सबसे बड़े इन्वेस्टर वीजी सिद्धार्थ ने कहा, 'प्रेमजी के भारतीय होने पर मुझे गर्व है। वह एक रोल मॉडल हैं।'
प्रेमजी को इसकी प्रेरणा अपनी मां से मिली, जिन्होंने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा मुंबई में पोलियो और सेरेब्रल पैलिसी से ग्रस्त बच्चों के लिए चैरिटेबल अस्पताल बनाने और उसे चलाने में लगा दिया था। प्रेमजी के मुताबिक, 'जब मैं बड़ा हो रहा था, तो मुझ पर सबसे ज्यादा प्रभाव मेरी मां का था।'
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