टैक्स की उलझनो पर आप के सवाल हमारे जवाब

एफडी के ब्याज पर देना होगा टैक्स
मैं एक वेतनभोगी कर्मचारी हूं। मेरी सालाना आय चार-पांच लाख रुपये के बीच है। अगर बचत खाते और फिक्स्ड डिपॉजिट से प्राप्त होने वाला सालाना ब्याज 10,000 रुपये से कम है तो क्या मुझे इस पर टैक्स देना होगा? अगर नहीं तो जब मेरा बैंक मेरे खाते पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स नहीं काटता है तो मुझे क्या करना चाहिए? अगर प्राप्त होने वाला ब्याज 10,000 रुपये से अधिक होता है तो क्या मुझे केवल 10,000 रुपये अधिक की राशि पर टैक्स देना होगा?
-अभिजीत, भोपाल
- पिछले साल के बजट में लाए गए धारा 80 टीटीए के अनुसार बैंकों के बचत खाते, को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी और पोस्ट ऑफिस से प्राप्त होने वाला 10,000 रुपये तक के सालाना ब्याज पर टैक्स नहीं लगेगा। यह छूट केवल बचत खाते से प्राप्त होने वाले ब्याज पर लागू होती है फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज पर नहीं।
इस प्रकार बैंकों के बचत खाते से प्राप्त होने वाले 10,000 रुपये से अधिक ब्याज और एफडी से प्राप्त होने वाले ब्याज पर टैक्स लगता है। एफडी से प्राप्त होने वाले प्रति बैंक 10,0000 रुपये से अधिक के ब्याज पर बैंक स्रोत पर कर-कटौती (टीडीएस) करता है लेकिन बचत खाते से प्राप्त होने वाला सालाना ब्याज यदि 10,000 रुपये से अधिक भी है तो बैंक टीडीएस नहीं काटता।
आपकी आय टैक्सेबल है इसलिए आप फॉर्म 15एच भर कर बैंक से टीडीएस नहीं काटने का आवेदन नहीं कर सकते हैं। टैक्स तो किसी भी तरह से कटना ही है इसलिए बैंक को टीडीएस काटने दीजिए। ध्यान रखिए कि बैंक भले ही टीडीएस काट चुका हो लेकिन इसके बावजूद आपको इसे अपनी आय में प्रदर्शित करते हुए अपने टैक्स-स्लैब के हिसाब से प्राप्त ब्याज पर कर चुकाना होगा।
मेरे पास एक जमीन है जिसे मैं बेचना चाहता हूं। मैं इस पर कैपिटल गेन टैक्स कैसे बचा सकता हूं।
-रोहन रायपुर
आप इस पर टैक्स तभी बचा पाएंगे अगर आपने इस जमीन को 36 महीने या इससे ज्यादा समय तक होल्ड किया हो। अगर जो प्लॉट आप बेचना चाह रहे हैं उसे 36 महीनों से कम समय तक होल्ड किया गया है तो इसकी बिक्री शार्ट टर्म कैपिटल गेन की श्रेणी में आएगी। इस तरह के फायदे (गेन) को आपकी आय में जोड़ दिया जाएगा और इस पर स्लैब की दरों के हिसाब से टैक्स चुकाना पड़ेगा।
अगर आप ऐसा प्लॉट बेचने जा रहे हैं जिसे आपने 36 महीनों से ज्यादा समय तक होल्ड किया है तो लांग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स से बचने के दो विकल्प हैं। पहला विकल्प धारा 54एफ के अंतर्गत उपलब्ध है। इसके तहत अगर आप रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं या इसका निर्माण कर रहे हैं तो आपको लांग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स छूट का फायदा मिलेगा।
अगर आप इसकी बिक्री से मिली संपूर्ण राशि (नेट सेल कंसीडरेशन) का निवेश, किसी अन्य प्लॉट या फिर रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में कर देते हैं तो आपको कैपिटल गेन टैक्स पर पूरी छूट मिल जाएगी। अन्यथा आप जिस अनुपात में बिक्री में मिली राशि का निवेश करेंगे आपको उसी अनुपात से टैक्स में छूट मिलेगी।
अगर आप प्लॉट की सेल से मिली नेट कंसीडरेशन का इस्तेमाल प्लॉट बेचने के दो साल के अंदर किसी घर को खरीदने में करते हैं तो आपको लांग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स छूट का फायदा मिल जाएगा। अगर आप प्लॉट बेचने के तीन साल के अंदर घर का निर्माण कराते हैं और उसमें नेट कंसीडरेशन का निवेश करते हैं, तो भी आपको टैक्स छूट मिलेगी।
ध्यान रहे कि अगर आप रिटर्न भरने की देय तिथि के पहले इस राशि का निवेश नहीं कर पाते हैं तो आपको शेड्यूल्ड बैंक में कैपिटल गेन्स डिपॉजिट अकाउंट खोलकर यह राशि जमा करानी होगी। इसके बाद आप जमा की गई राशि का इस्तेमाल घर खरीदने या फिर इसके निर्माण के लिए कर पाएंगे।
इस संदर्भ में आपके पास दूसरा विकल्प है कि आप धारा 54ईसी के तहत आरईसी (रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन) और एनएचएआई (नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के बांड में निवेश करें। हालांकि धारा 54ईसी के तहत आप इन बांड में संपूर्ण सेल कंसीडरेशन का निवेश नहीं कर पाएंगे। आपके पास केवल इंडेक्स्ड कैपिटल गेन निवेश करने का विकल्प होगा।
इस धारा के तहत आप किसी भी एक वित्त वर्ष में बांड में 50 लाख रुपये से ज्यादा का निवेश नहीं कर सकते हैं। आपको यह निवेश प्रॉपर्टी की बिक्री की तिथि के छह महीने के अंदर करना होगा। यह छह महीने की अवधि आपके रिटर्न भरने की देय तिथि के बाद भी हो सकती है। इस स्थिति में आपको इस्तेमाल न किए गए पैसे कैपिटल गेन डिपॉजिट अकाउंट में नहीं डालने पड़ेंगे।
जिस बैंक से होम लोन चल रहा है अगर उसी बैंक से घर की मरम्मत के लिए लोन लेता हूं तो क्या नये लोन पर मुझे इनकम टैक्स का लाभ मिलेगा? - राकेश आहूजा, चंडीगढ़
अगर लोन का इस्तेमाल घर की मरम्मत या उसके नवीकरण या पुनर्निमाण के उद्देश्य से लिया जाता है तो ऐसे लोन के ब्याज के भुगतान पर धारा 24(बी) के अंतर्गत कटौती का लाभ मिलता है। आपको यह साबित करना होगा कि लोन का इस्तेमाल घर की मरम्मत, नवीकरण या पुनर्निमाण के लिए किया गया है।
अगर आप उसी घर के लिए लोन लेते हैं जिसमें आप रह रहे हैं तो घर की खरीदारी और उसके मरम्मत के लिए उठाए गए लोन के ब्याज के भुगतान पर आपको सालाना 1.50 लाख रुपये तक की कटौती का लाभ मिलेगा। हालांकि, अगर घर किराए पर दिया हुआ है तो पूरे ब्याज के भुगतान पर कटौती का लाभ मिलेगा।
- बलवंत जैन, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, अपनापैसा डॉट कॉम








