एंटनी ने भी हेलिकॉप्टर सौदे में गड़बड़ी का दिया संकेत

मैं अपनी ड्यूटी करूंगा। मैं अब खुद को संसद सत्र के लिए तैयार कर रहा हूं। हम संसद में सब कुछ स्पष्ट कर देंगे। हमारे हाथ बिल्कुल साफ हैं। मेरे इस्तीफे का सवाल ही पैदा नहीं होता। - ए.के.एंटनी, रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी ने भी अब वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे में कोई-न-कोई गड़बड़ी होने का संकेत दिया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि 3,600 करोड़ रुपये के इस हेलिकॉप्टर खरीद सौदे में कहीं-न-कहीं कुछ तो जरूर हुआ था।
एंटनी ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, 'हमने तमाम प्रक्रियाओं पर अमल किया है। मंत्रालय, इंडियन एयर फोर्स और एसपीजी समेत हम सभी ने हर तरह की सावधानी बरती। इसके बावजूद एक बात साफ है कि कहीं तो कुछ जरूर हुआ था।
' रक्षा मंत्री ने इस सौदे में हुए कथित घोटाले की सरकारी जांच पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि इटली की कंपनी फिनमेक्कानिका के सीईओ जी. ओरसी और अगस्तावेस्टलैंड के सीईओ ब्रूनो स्पैगनोलिनी की गिरफ्तारी के बाद सरकार ने इस कंपनी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा, 'इस सौदे में छिपाने लायक कुछ भी नहीं है।
हम संसद में हेलिकॉप्टर सौदे पर चर्चा करने को तैयार है।' इसके साथ ही एंटनी ने अपने इस्तीफे की अटकलों के बारे में पूछे गए सवालों को बहुत हल्के में लिया। एंटनी ने कहा, 'मैं अपनी ड्यूटी करूंगा। मैं अब खुद को संसद सत्र के लिए तैयार कर रहा हूं। हम संसद में सब कुछ स्पष्ट कर देंगे। हमारे हाथ बिल्कुल साफ हैं।'
मालूम हो कि फरवरी, 2010 में भारत ने 12 'एडब्ल्यू-101' हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए इटली की कंपनी फिनमेक्कानिका की ब्रिटेन स्थित सहायक फर्म अगस्तावेस्टलैंड से करार किया था। यह आरोप लगाया गया है कि अगस्तावेस्टलैंड को हेलिकॉप्टर ठेका जरूर देने के लिए भारत में तकरीबन 362 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई है। फिनमेक्कानिका ने अमेरिकी कंपनी सिकोरस्काई को पछाड़ कर यह सौदा हासिल किया था।








