चावल की रिकॉर्ड पैदावार पर चीन को संदेह

रिकॉर्ड पर प्रश्न - नालंदा के किसान ने 22.4 टन प्रति हैक्टेयर उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया चीन के वैज्ञानिक ने 2011 में 19.4 टन पैदावार का रिकॉर्ड बनाया था वैज्ञानिक ने दोबारा रिकॉर्ड पैदावार करने पर खुद जांच की
इच्छा जताई
चावल की उत्पादकता के मामले में विश्व रिकॉर्ड टूटने से नाराज चीन के एक वैज्ञानिक भारतीय किसान की उपलब्धि का सवाल उठाया है। एक भारतीय किसान ने एक हैक्टेयर में 22.4 टन चावल उगाने का नया रिकॉर्ड बनाया है।
जबकि इससे पहले चीन में 19.4 टन चावल उगाने का रिकॉर्ड बना था। हाईब्रिड चावल के जनक माने जाने वाले चीन के शीर्ष वैज्ञानिक ने भारतीय किसान के दावे को गलत बताया है।
हांगकांग के साउथ चायना मॉर्निंग पोस्ट अखबार ने चीन के वैज्ञानिक युआन लांगपिंग के हवाले से कहा है कि भारत में एक हैक्टेयर में 22.2 टन चावल उगाने का रिकॉर्ड गलत है।
युआन का कहना है कि भारत में नया रिकॉर्ड बनना 120 फीसदी गलत है। चीन में इंटेसिफिकेशन प्रणाली उन्होंने ही शुरू की थी। इससे कम पैदावार वाले खेतों में उत्पादकता 10 से 15 फीसदी तक बढ़ाई जा सकती है।
बेहतर उत्पादकता वाले खेतों में और ज्यादा पैदावार हासिल करना संभव नहीं है। पोस्ट के अनुसार युआन ने चीन की सरकारी समाचार एजेंसी को बताया कि रिकॉर्ड बनाने वाले भारतीय किसान का कहना है कि पिछले साल अच्छी बारिश हुई जबकि धूम कम निकली। जबकि पर्याप्त धूप के बिना उच्च पैदावार हासिल करना संभव नहीं है।
युआन ने बिहार में नालंदा जिले के एक किसान सुमंत कुमार की उपलब्धि पर इस तरह अपनी प्रतिक्रिया दी है। ब्रिटिश अखबार गार्जियन ने इस पर एक लेख प्रकाशित किया था, जिसके अनुसार सुमंत कुमार ने राइस इंटेंसिफिकेशन (आरआई) प्रणाली के जरिये चावल की उत्पादकता का नया रिकॉर्ड बनाया।
युआन ने कहा कि फोटो देखकर लगता है कि जहां रिकॉर्ड चावल उत्पादकता हासिल की गई, वहां की स्थिति देखकर ऐसा होना संभव नहीं लगता है। उच्च पैदावार अच्छी मिट्टी होने पर ही हासिल की जा सकती है, जबकि सुमंत कुमार के खेत की मिट्टी दोयम गुणवत्ता की है।
उन्होंने सुमंत कुमार के दावे की पुष्टि करने के भारत के तरीके पर भी सवाल उठाया है। कटाई होने के बाद भारतीय सरकार कैसे उत्पादकता की पुष्टि कर सकती है। युआन ने कहा कि अगर सुमंत कुमार अपनी सफलता अगले साल दोहरा सकते हैं, तो वह व्यक्तिगत रूप से खेत की जांच करना पसंद करेंगे।








