गोल्ड ईटीएफ कर सकेंगे गोल्ड डिपॉजिट में निवेश

कुल निवेश एयूएम के 20 से ज्यादा न होने की शर्त
पूंजी बाजार नियामक सिक्युरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) को बैंकों की गोल्ड डिपॉजिट स्कीमों में निवेश करने की इजाजत दे दी है। इस कवायद का मुख्य मकसद सोने में फंसी पूंजी को ज्यादा उत्पादक कामों में इस्तेमाल करने का है।
सेबी के दिशानिर्देशों के मुताबिक, मयूचुअल फंडों के गोल्ड ईटीएफ को गोल्ड डिपॉजिट में निवेश की इजाजत कुछ शर्तों के साथ दी गई है।
इसके तहत मुख्य तौर पर यह शर्त लगाई गई है कि किसी गोल्ड डिपॉजिट स्कीम में गोल्ड ईटीएफ की तरफ से होने वाला कुल निवेश इसके अधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) के 20 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
गोल्ड डिपॉजिट स्कीमों में निवेश से पहले म्यूचुअल फंडों को इस आशय की नीति बनानी होगी और इस पर कंपनी के बोर्ड व ट्रस्टियों की अनुमति लेनी होगी।
साथ ही, इस नीति की साल भर में एक बार समीक्षा करनी होगी। रिजर्व बैंक के एक पैनल के आकलन के मुताबिक, देश में इस समय 20,000 टन के करीब सोने का भंडार बिना किसी इस्तेमाल के पड़ा हुआ है। रिजर्व बैंक चाहता है कि इस पूंजी का इस्तेमाल ज्यादा उत्पादक कामों में हो।










