हेलीकॉप्टर खरीद सौदा होगा रद्द!

क्या है नोटिस में - हेलीकॉप्टर खरीद सौदे को क्यों न रद्द कर दिया जाए, इस बारे में इटली की कंपनी से पूछा गया है
जवाब मांगा - रक्षा मंत्रालय ने अगस्तावेस्टलैंड से रिश्वतखोरी के आरोपों का जवाब सात दिन के अंदर देने को कहा है
देश में 'वीवीआईपी' की आवाजाही के लिए किए गए 12 हेलीकॉप्टरों के खरीद सौदे को रद्द किए जाने के आसार बढ़ गए हैं। दरअसल, भारत ने इस सौदे में हुई कथित रिश्वतखोरी को काफी गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को सख्त कदम उठाया।
इसके तहत रक्षा मंत्रालय ने इटली की कंपनी फिनमेक्कानिका की ब्रिटेन स्थित सहायक फर्म अगस्तावेस्टलैंड को कारण बताओ नोटिस भेजकर उससे यह पूछा है कि वर्ष 2010 में हुए 3600 करोड़ रुपये के हेलीकॉप्टर खरीद सौदे को क्यों न निरस्त कर दिया जाए। रक्षा मंत्रालय ने अगस्तावेस्टलैंड से रिश्वतखोरी के आरोपों का जवाब सात दिन के अंदर देने को कहा है।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सितांशु कर ने बताया, 'मंत्रालय ने अगस्तावेस्टलैंड को औपचारिक ढंग से कारण बताओ नोटिस भेज दिया है।
इसमें हेलीकॉप्टर खरीद सौदे को क्यों न रद्द कर दिया जाए, इस बारे में इटली की कंपनी से पूछा गया है। इसके अलावा संबंधित अनुबंध की शर्तों के अनुरूप कुछ अन्य कदम उठाने की भी बात कही गई है।' रक्षा मंत्रालय द्वारा इस मामले में कानूनी कार्रवाई की धमकी देने के ठीक अगले ही दिन अगस्तावेस्टलैंड को कारण बताओ नोटिस भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि फरवरी, 2010 में भारत ने 12 'एडब्ल्यू-101' हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए अगस्तावेस्टलैंड से करार किया था। इस सौदे के तहत तीन हेलीकॉप्टर भारत पहुंच भी चुके हैं।
ये हेलीकॉप्टर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य वीआईपी लोगों की आवाजाही के लिए खरीदे गए हैं। यह आरोप लगाया है कि अगस्तावेस्टलैंड को हेलीकॉप्टर खरीद ठेका सुनिश्चित करने के लिए भारत में तकरीबन 362 करोड़ रुपये बतौर रिश्वत दिए गए हैं।
फिनमेक्कानिका ने अमेरिकी कंपनी सिकोरस्काई को पछाड़ कर यह सौदा हासिल किया था। वहीं, फिनमेक्कानिका के चेयरमैन व सीईओ जी.ओरसी को रिश्वतखोरी के इस मामले में इटली में गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
रक्षा मंत्रालय की दलाली जांच की शिकायत दर्ज
नई दिल्ली- हेलीकॉप्टर खरीद सौदे में सीबीआई ने भी शुक्रवार को सक्रियता दिखाई। सीबीआई ने रक्षा मंत्रालय की शिकायत दर्ज कर ली है जिसमें वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में कथित दलाली की जांच करने को कहा गया है।
इस बीच, सीबीआई की टीम ने रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों से मिलकर यह जानने की कोशिश की कि सौदे से कौन लोग सीधे तौर पर जुड़े हुए थे।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि इटली में चल रही जांच के मुताबिक फिनमेक्कानिका ने करीब 140 करोड़ रुपये 'आईडीएस ट्यूनीशिया के खाते में जमा करवाए। (एजेंसियां)








