ब्याज दर घटने की उम्मीद में बढ़े बाजार

चिदंबरम का असर - ग्रोथ व निवेश को बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री अत्यधिक तेजी के साथ वादे व घोषणाएं करते दिख रहे हैं। बाजार की अंडरटोन आने वाले कुछ दिनों के लिहाज से सकारात्मक दिखाई दे रही है। - अमर अंबानी, रिसर्च प्रमुख, आईआईएफएल
रेट कट की उम्मीद - आगामी पॉलिसी में आरबीआई गवर्नर द्वारा रेट कट किए जाने की उम्मीद के चलते बाजारों में और रैली देखी जा सकती है। रेट कट से ग्रोथ को बढ़ावा मिल सकता है, जो कि समय की जरूरत भी है। - श्रीकांत चौहान, टेक्नीकल रिसर्च प्रमुख, कोटक सिक्युरिटीज
एफआईआई की लिवाली - मंगलवार को बाजारों में एफआईआई की लिवाली जारी रही। बाजार के ओवरसोल्ड जोन में पहुंच जाने के चलते हुई शॉर्ट कवरिंग का भी कुछ असर रहा। लेकिन, उतार-चढ़ाव के स्तर से संकेत मिलता है कि बाजार में अभी भी सतर्कता हावी है। - देवेन चोकसी मैनेजिंग डायरेक्टर, केआर चोकसी सिक्युरिटीज
वित्त मंत्री पी. चिदंबरम द्वारा घरेलू इंडस्ट्री को और राहत दिए जाने का वादा करने के साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जल्द ही पॉलिसी दरों में कटौती किए जाने की उम्मीद में मंगलवार को बाजारों में जोरदार बाउंसबैक देखा गया।
विशेष रूप से ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील माने जाने वाले रियल्टी, बैंकिंग व ऑटो सेक्टर के शेयरों में लिवाली बढऩे के बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक 265.21 अंक के उछाल के साथ 19,143.17 अंक पर बंद हुआ।
यह कैलेंडर वर्ष 2013 की सेंसेक्स की सबसे तेज बढ़त थी।इससे पहले सेंसेक्स 29 नवंबर, 2012 को 329 अंक चढ़ा था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी में भी 85.75 अंक की बढ़त रही और यह 5,784.25 अंक पर बंद हुआ।
ब्रोकरों के मुताबिक, केंद्रीय बैंकों द्वारा मौद्रिक आसानी की नीति जारी रखे जाने के संकेत दिए जाने के मद्देनजर एशियाई बाजारों में दर्ज की गई तेजी के साथ ही वित्त मंत्री के सकारात्मक बयानों से बाजारों में लिवाली बढ़ गई।
वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने घरेलू इंडस्ट्री को भरोसा दिलाया है कि संसद में फाइनेंस बिल पर बहस के दौरान विशेष रूप से अप्रत्यक्ष कर से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं की जाएंगी।
उधर, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा भी आर्थिक ग्रोथ को गति देने के लिए जल्द ही मुख्य पॉलिसी दरों में कटौती किए जाने की उम्मीद बढ़ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक की चालू तिमाही की मध्यावधि मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक 19 मार्च, 2013 को होने जा रही है। निवेशकों को उम्मीद है कि इस बैठक में रेपो रेट में चौथाई फीसदी तक की कटौती की घोषणा की जा सकती है।
इस खबर के असर से ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील सेक्टरों के शेयरों में लिवाली बढ़ गई। बीएसई का रियल्टी सेक्टोरल इंडेक्स 3.13 फीसदी, मेटल इंडेक्स 2.65 फीसदी, बैंकेक्स 1.89 फीसदी और ऑटो इंडेक्स 1.78 फीसदी चढ़ गया।
आईआईएफएल के रिसर्च प्रमुख अमर अंबानी ने कहा कि ग्रोथ व निवेश को बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री अत्यधिक तेजी के साथ वादे व घोषणाएं करते दिख रहे हैं। बाजार की अंडरटोन आने वाले कुछ दिनों के लिहाज से सकारात्मक दिखाई दे रही है।
बोनांजा पोर्टफोलियो के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राकेश गोयल ने कहा कि संभावित रेट कट की उम्मीद में ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील बैंकिंग व रियल्टी सेक्टर के शेयर निचले स्तरों से उबरते हुए दिखे।
कोटक सिक्युरिटीज के टेक्नीकल रिसर्च प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा कि आगामी पॉलिसी में आरबीआई गवर्नर द्वारा रेट कट किए जाने की उम्मीद के चलते बाजारों में और रैली देखी जा सकती है। रेट कट से ग्रोथ को बढ़ावा मिल सकता है, जो कि समय की जरूरत भी है।
केआर चोकसी सिक्युरिटीज के मैनेजिंग डायरेक्टर देवेन चोकसी ने कहा कि मंगलवार को बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लिवाली जारी रही। बाजार के ओवरसोल्ड जोन में पहुंच जाने के चलते हुई शॉर्ट कवरिंग का भी कुछ असर रहा। लेकिन, उतार-चढ़ाव के स्तर से संकेत मिलता है कि बाजार में अभी भी सतर्कता हावी है।
ग्लोबल स्तर पर देखें तो चीन द्वारा 2013 के लिए आर्थिक ग्रोथ के लक्ष्य पर कायम रहने की बात कहे जाने से एशिया के मुख्य बाजार 0.10 फीसदी से लेकर 2.33 फीसदी तक की तेजी के साथ बंद हुए। दोपहर बाद के कारोबार में यूरोपीय बाजार भी अच्छी मजबूती दिखा रहे थे।
खबर लिखे जाते समय ब्रिटेन के एफटीएसई में 0.81 फीसदी, जर्मनी के डेक्स में 1.67 फीसदी और फ्रांस के सीएसी में 1.28 फीसदी की मजबूती के साथ कारोबार हो रहा था।
घरेलू स्तर पर बीएसई सेंसेक्स में शामिल 30 में से 26 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
स्टरलाइट में 4.47 फीसदी, टाटा मोटर्स में 3.73 फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक में 3.36 फीसदी, मारुति सुजुकी में 2.75 फीसदी, टाटा स्टील में 2.69 फीसदी, एसबीआई में 1.54 फीसदी, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 1.39 फीसदी, एचडीएफसी बैंक में 0.81 फीसदी और इंफोसिस में 0.62 फीसदी की तेजी रही। हालांकि बजाज ऑटो, भेल, आईटीसी व एनटीपीसी में हल्की गिरावट रही।
ग्लोबल हालात - ग्लोबल स्तर पर देखें तो चीन द्वारा 2013 के लिए आर्थिक ग्रोथ के लक्ष्य पर कायम रहने की बात कहे जाने से एशिया के मुख्य बाजार 0.10 फीसदी से लेकर 2.33 फीसदी तक की तेजी के साथ बंद हुए। दोपहर बाद के कारोबार में यूरोपीय बाजार भी अच्छी मजबूती दिखा रहे थे।
खबर लिखे जाते समय ब्रिटेन के एफटीएसई में 0.81 फीसदी, जर्मनी के डेक्स में 1.67 फीसदी और फ्रांस के सीएसी में 1.28 फीसदी की मजबूती के साथ कारोबार हो रहा था।








