निष्क्रिय पीएफ खातों पर भी मिल सकता है ब्याज

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) निष्क्रिय खातों के लिए शर्र्ते नए सिरे से तय कर सकता है। इससे निष्क्रिय खातों में शामिल पीएफ खाता धारकों को भी अपनी पीएफ जमाओं पर ब्याज मिल सकता है।
निष्क्रिय खातों को लेकर आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए इस मुद्दे को 25 फरवरी को होने वाली सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (सीबीटी) की बैठक के एजेंडे में शामिल किया गया है।
इस बीच, ईपीएफओ ने स्वीकार किया है कि निष्क्रिय खातों को लेकर मौजूदा आंकड़े सही नहीं हैं। जब तक सभी खाते अपडेट नहीं हो जाते हैं, तब तक निष्क्रिय खातों की सही संख्या नहीं पता लगाई जा सकती है। मौजूदा समय में ईपीएफओ तीन वर्ष तक अंशदान न होने वाले खातों को निष्क्रिय खाते मानता है।
ट्रेड यूनियन भारतीय मजदूर संघ के महासचिव और सीबीटी सदस्य बी.एन.राय ने 'बिजनेस भास्कर' को बताया कि निष्क्रिय खातों को लेकर विवाद है। खातों के कंप्यूटरीकरण के दौरान कुछ खाते सही मायने में निष्क्रिय पाए गए, जबकि कुछ गलत थे। निष्क्रिय खातों में से कुछ खाते 30 वर्ष तक पुराने पाए गए हैं। ऐसे निष्क्रिय खाते कौन से हैं, यह तय करने की प्रक्रिया पर नए सिरे से विचार किया जाएगा।
बी.एन राय का कहना है कि 30 वर्ष पुराने पीएफ खाते में जमा राशि पर ईपीएफओ ब्याज कमा रहा है ऐसे में पीएफ खाता धारक को ब्याज कैसे नहीं दिया जाएगा। वहीं, सेंट्रल पी.एफ कमिश्नर अनिल स्वरूप का कहना है कि निष्क्रिय खाते को लेकर मौजूदा आंकड़े सही नहीं है।
जब तक सभी खातों को अपडेट नहीं कर लिया जाता है, तब तक यह बताना संभव नहीं है कि कौन से खाते निष्क्रिय हैं। अगले छह माह में सभी खाते अपडेट होने की उम्मीद है। इससे पहले ईपीएफओ ने दावा किया था कि मौजूदा समय में 3.04 करोड़ खाते निष्क्रिय हैं जिनमें लगभग 16,000 करोड़ रुपये की राशि जमा है।
2010-11 में निष्क्रिय खातों के आधार पर ही ईपीएफओ ने पीएफ पर 9.5 फीसदी ब्याज घोषित किया था। उस समय वित्त मंत्रालय ने निष्क्रिय खातों को लेकर आपत्ति जताई थी। वित्त मंत्रालय का कहना था कि जब सभी खाते अपडेट नहीं हुए हैं तो निष्क्रिय खातों का पता कैसे चला।








