आज यानी 24 फरवरी को दुनिया नामी कंपनी ऐप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स का जन्म दिन है, वैसे तो जॉब्स अब दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके अच्छे कामों और उनकी कंपनी ने उन्हें यादों में आज जिंदा बनाए रखा है। जॉब्स की इन्हीं यादों के साथ आज हम आपको उनके उस सपने के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे वह पूर नहीं कर सके। यह सपना जुड़ा है उनकी आलीशान हवेली वुडसाइड (जैक्लिन हाउस) से।
ऐप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स ने विशाल हवेली जैक्लिंग हाउस को अपनी 29 साल की उम्र में सन् 1984 में जैक्लिन से खरीदा था। कैलीफोर्निया के हरभरे और जंगली इलाके में स्थित जैक्लिंग हाउस 14,570 वर्ग फीट(1,350 मीटर) में फैली एक बड़ी हवेली है। इसे स्पेन की कॉलोनियों की शैली में बनाया गया 1926 में बनाया गया था। इसे कॉपर माइनिंग के उस समय के बहुत बड़े व्यवसाई डेनियल जैक्लिन ने बनावाया था। इसकी डिजाइन जॉर्ज वाशिगंटन स्मिथ ने वर्ष 1900 में तैयार की थी। इसमें 35 कमरें थे।
जॉब्स की हमेशा इस बहुत बड़ी हवेली को दो हिस्सों में बांटने का इरादा था। वह यहां अपनी शादी होने के कुछ दिन बाद 1991 तक रहे। इसके बाद उन्होंने 2.6 मिलियन डॉलर में कैलीफोर्निया में ही दूसरी हवेली पोलो अल्टो खरीदी। स्टीव जॉब्स अपनी पत्नी लॉरेल पावेल के साथ जैक्लिंग हाउस से इसमें रहने आ गए। पोलो अल्टो 5,700 वर्ग फीट में फैली हुई है।
उन्होंने जैक्लिंग हाउस को तोड़कर नया बनवाने के लिए एक आर्किटेक्ट से प्लान भी तैयार करवा लिया था, लेकिन नया मकान बनवाने के रास्ते में कई बाधाएं आईं। यहां के स्थानीय निवासियों ने इस पुरानी विरासत कहकर गिराने का विरोध किया और इसके बाद उन्हें इसके लिए कोर्ट में कई मुकदमों का सामना करना पड़ा। अंतत: कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया। इसके बाद जॉब्स ने इसे नया मकान बनवाने के लिए फरवरी 20 11 में गिरवा दिया और कुछ नए मकान का कुछ हिस्सा ही बन सका और तभी उन्होंने 5 अक्टूबर 2011 को दुनिया को अलविदा कह दिया। मीडिया की आई कई खबरों में इसे भुतहा बंगला भी बताया गया है।
आगे की स्लाइड पर क्लिक कर देखिए कैसा दिखता था 100 साल से भी ज्यादा पुराना एक अरबपति का यह घर। क्या-क्या थे इसमें फीचर्स। 35 कमरों के इस महल का अंदर से कैसा था लुक।