साल 2012 खत्म हो चुका है। 2013 दस्तक दे चुका है। नये साल में कई नई चीजें देखने को मिल रही हैं, लेकिन इन सबके बीच भारत में नौकरियों का हाल शुरूआती 6 महीनों में बहुत बेहतर नहीं रहने वाला है। अधिकतर कंपनियों ने मार्च 2013 या जून 2013 तक अपने यहां भर्तियां बंद कर रखी हैं। वहीं, नौकरी खोजने वालों की संख्या में पिछले साल की तुलना में इस साल 28 फीसदी का इजाफा होने की उम्मीद है। इतना ही नहीं, भारतीय अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार भी नई नौकरियों के रास्ते में रोड़ा बनी हुई है। ऐसे में कंपनियां बहुत जरूरत पड़ने पर लंबी और टफ प्रोसेस के तहत कर्मचारियों को रिक््रयूट कर रहीं हैं।
जॉब रिसर्च कंपनी माईहाइरिंगक्लबडॉटकॉम ने कहा है कि वैसे तो 2013 में करीब 10 लाख नई नौकरियां निकलेंगी, लेकिन साल के शुरूआती महीनों में नौकरियों का हाल 2012 की तरह ही रहने वाला है। पिछले साल नौकरियों में 21 फीसदी की कमी आई है। दिलचस्प है कि साल 2012 में 7 लाख लोगों को ही नौकरियां मिली हैं, जबकि हर जॉब पोस्ट के लिए करीब 240 से भी ज्यादा आवेदन आए। ऐसे में इस बार भी मिलने वाली 10 लाख जॉब्स के लिए करीब 10 करोड़ आवेदन मिलने की उम्मीद है। ऐसे में नए साल के शुरूआत में नौकरी खोजना मुश्किल भरा हो सकता है। लेकिन फिर भी आपको नई नौकरी की जरूरत है या फिर अच्छी नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो नौकरी दाता कंपनियों की जरूरत को समझना बहुत जरूरी है।
आगे की स्लाइड पर क्लिक कर जानें कंपनियों की उन जरूरतों को जिसे पूरा कर आप नो जॉब जोन में भी नौकरी हासिल कर सकते हैं।