सबसे बड़ी फूड कंपनी नेस्ले घोड़े के मीट मामले में फंसी
बचाव - कंपनी के प्रवक्ता के मतुाबिक टेस्ट के बाद कंपनी ने दो उत्पाद 'बुइटोनी बीफ रेवोली' और 'बीफ टॉर्टिलेनी' बाजार से हटाए हैं
कंपनी के बीफ प्रोडक्ट्स में पाया गया घोड़े का मांस, कुछ प्रोडक्ट्स वापस लिए
दुनिया की सबसे बड़ी फूड कंपनी स्विटजरलैंड स्थित नेस्ले और दुनिया की सबसे बड़ी बीफ प्रोड्यूसर ब्राजील की जेबीएस यूरोप में चल रहे घोड़े के मांस मामले में फंस गई हैं। नेस्ले के बीफ प्रोडक्ट्स (गोमांस से बनने वाले खाद्य पदार्थों) में घोड़े का मांस मिलाए जाने का मामला सामने आया है। इसके बाद कंपनी ने मंगलवार को इटली और स्पेन से कुछ फूड प्रोडक्ट वापस ले लिए हैं।
इस स्विस कंपनी के प्रवक्ता के मुताबिक खाद्य पदार्थों में घोड़े के मांस के अंश बेहद कम हैं, लेकिन यह एक प्रतिशत से ज्यादा है। जर्मनी के उनके एक सप्लायर के माल में गड़बड़ी मिली है। टेस्ट के बाद कंपनी ने अपने दो खाद्य पदार्थ 'बुइटोनी बीफ रेवोली' और 'बीफ टॉर्टिलेनी' को हटा लिया है।
कंपनी ने कहा है कि अब वह अपने सभी उत्पादों का टेस्ट करवाएगी। जबकि, पिछले हफ्ते कंपनी ने कहा था कि उसके खाद्य पदार्थों में घोड़े का मांस नहीं है। इससे एक दिन पहले जर्मनी के एक डिस्काउंट चेन लिड्ल ने डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों को वापस लिया था। कंपनी ने फिनलैंड, डेनमार्क और स्वीडन के स्टोर से ये खाद्य पदार्थ वापस मंगाए थे।
घोड़ों को दी जाने वाली दवाएं रिस्की
बीफ प्रोडक्ट्स में घोड़े का मांस मिलाए जाने का मामला यूरोप के 12 देशों में सामने आ चुका है। फ्रांस में ऐसे ही आरोपों से घिरी एक कंपनी का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था, लेकिन बाद में लौटा दिया गया।
इस बाबत खाद्य सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि बीफ प्रोडक्ट्स में घोड़े के मांस की मिलावट से फूड चेन में गड़बड़ी आ सकती है क्योंकि घोड़ों को दी जाने वाली दवाएं मानव फूड चेन में शामिल होंगी तो परिणाम भयानक होंगे।








