एलआईसी ने दिसंबर तिमाही में काटा मुनाफा
शेयर बाजारों की बढ़त के दौर में दिग्गज घरेलू संस्थागत निवेशक भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) अपने निवेश पर मुनाफा काटने के मूड में दिख रही है। इस बात का पता इस तथ्य से चलता है कि एलआईसी ने वित्त वर्ष 2012-13 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान बाजारों में 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य के शेयरों की बिकवाली की है।
बैंक ऑफ अमेरिका-मेरिल लिंच की ग्लोबल रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि एलआईसी ने अक्टूबर-दिसंबर, 2012 के दौरान बाजारों में 12,600 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की है।
यह बिकवाली मुख्य तौर पर वित्तीय, ऑटो एवं फार्मा सेक्टर की कंपनियों में की गई है। साथ ही, बीती तिमाही के दौरान एलआईसी ने घरेलू बाजारों में 3,877 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की लिवाली भी की है। एलआईसी की यह लिवाली मुख्य तौर पर एनर्जी, मेटल, माइनिंग व सॉफ्टवेयर सेक्टर की कंपनियों में हुई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर, 2012 की तिमाही के दौरान एलआईसी ने एक्सिस बैंक के 89.1 करोड़ डॉलर, महिंद्रा एंड महिंद्रा के 17.7 करोड़ डॉलर, एचडीएफसी बैंक के 15.7 करोड़ डॉलर, सन फार्मा के 15.4 करोड़ डॉलर व आईसीआईसीआई बैंक के 14.5 करोड़ डॉलर मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की है।
दूसरी ओर एलआईसी ने उक्त अवधि के दौरान रिलायंस पावर के शेयरों में 20.3 करोड़ डॉलर, इंफोसिस में 16.2 करोड़ डॉलर, केयर्न इंडिया में 15 करोड़ डॉलर, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 14.2 करोड़ डॉलर व आईटीसी के शेयरों में 9.4 करोड़ डॉलर का शुद्ध निवेश किया है।
एक अनुमान के मुताबिक, एलआईसी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी इंडेक्स में शामिल 50 में से 27 कंपनियों में बीती तिमाही के दौरान तकरीबन 8,000 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की है।
इससे पिछली तिमाही यानी जुलाई-सितंबर, 2012 के दौरान भी एलआईसी घरेलू बाजारों में शुद्ध बिकवाल रही थी। एलआईसी ने इस तिमाही के दौरान घरेलू बाजारों में 7,020 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की थी।
साथ ही, इस तिमाही के दौरान एलआईसी की लिवाली 2,355 करोड़ रुपये के स्तर पर रही थी। एलआईसी के कुल पोर्टफोलियो में फिलहाल वित्तीय क्षेत्र की हिस्सेदारी 24 फीसदी, एनर्जी सेक्टर की 16 फीसदी, कंज्यूमर गुड्स की 13 फीसदी और सॉफ्टवेयर सेक्टर की हिस्सेदारी आठ फीसदी के स्तर पर है।








