वसूली की कोई औपचारिक सूचना नहीं : किंगफिशर

हलचल - कंपनी ने कहा कि हम अपने कर्जदाता बैंकों के साथ लगातार बात कर रहे हैं कि किस तरह उन्हें रकम लौटाई जाए बैंकों ने गुरुवार को कहा था कि वे गिरवी संपत्ति की बिक्री कर चालू तिमाही में ही १,००० करोड़ रुपये रिकवरी करेंगे
एक तरफ किंगफिशर एयरलाइंस के कर्जदाता बैंक उनके पास रखी गई गिरवी बेचकर अपनी फंसी पूंजी निकालने योजना बना रहे हैं। दूसरी तरफ कंपनी ने कहा है कि वह कर्जदाता बैंकों के साथ लगातार बातचीत कर रही है और उसे बैंकों की तरफ से वसूली की कोई औपचारिक सूचना नहीं दी गई है।
किंगफिशर एयरलाइंस के एक प्रवक्ता ने बयान के जरिए कहा कि हमें अभी तक बैंकों की तरफ से वसूली की कोई औपचारिक सूचना नहीं दी गई है। हम अपने कर्जदाता बैंकों के साथ लगातार बात कर रहे हैं कि किस तरह किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए उनके कर्ज में कमी लाई जाए। हम इस पर चर्चा कर रहे हैं कि डियाजियो सौदा हो जाने की सूरत में बैंकों की फंसी पूंजी में कमी की जा सकती है।
कंपनी के प्रवक्ता का यह बयान तब आया है, जब ठीक पिछले दिन बैंकों ने कहा था कि वे कंपनी की संपत्तियों की बिक्री कर चालू तिमाही में ही 1,000 करोड़ रुपये तक की रिकवरी करने के बारे में सोच रहे हैं। गुरुवार को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के डिप्टी एमडी (मिड-कॉरपोरेट्स अकाउंट्स) श्यामल आचार्य ने कहा था कि हमारी योजना कंपनी की गिरवी बेचने की है।
गौरतलब है कि एसबीआई के नेतृत्व में १७ बैंकों के कंसोर्टियम की ७,००० करोड़ रुपये से ज्यादा रकम किंगफिशर एयरलाइंस में फंसी हुई है। कंपनी ने युनाइटेड स्प्रिट्स जैसी अपनी सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर भी गिरवी के तौर पर रखे हैं, जबकि किंगफिशर ब्रांड को सिक्युरिटी के तौर पर रखा हुआ है।








