नोवेलिस से रिफाइनरी हासिल करेगी हिंडाल्को

क्षमता - इस रिफाइनरी की क्षमता 145 केपीटीए की है और इसके पास तकरीबन पांच करोड़ टन का बॉक्साइट भंडार है। नोवेलिस डो ब्राजील ने इस रिफाइनरी में जून, 2009 में उत्पादन बंद कर दिया था। सभी जरूरी एप्रूवल मिलने के बाद यह डील पूरी होगी और इसके बाद रिफाइनरी में उत्पादन फिर से शुरू हो सकेगा।
आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी नोवेलिस की ब्राजील स्थित एल्यूमिना रिफाइनरी व बॉक्साइट खदानों का अधिग्रहण करेगी। इसके लिए नोवेलिस की सब्सिडियरी नोवेलिस डो ब्राजील के साथ अंतिम समझौता कर लिया गया है।
बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर की गई एक फाइलिंग में हिंडाल्को ने कहा है कि इस आशय का करार नोवेलिस डो ब्राजील, नोवेलिस और एवी मिनरल्स (नीदरलैंड्स) के बीच किया गया है।
इस ट्रांजेक्शन के तहत नोवेलिस डो ब्राजील के सभी एल्यूमिना एसेट्स को ब्राजील में गठित की जाने वाली एक नई कंपनी में हस्तांतरित कर दिया जाएगा। इस नई कंपनी के सभी शेयरों का अधिग्रहण एवी मिनरल्स करेगी, जो कि हिंडाल्को की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी है।
इस रिफाइनरी की क्षमता 145 केपीटीए की है और इसके पास तकरीबन पांच करोड़ टन का बॉक्साइट भंडार है। नोवेलिस डो ब्राजील ने इस रिफाइनरी में जून, 2009 में उत्पादन बंद कर दिया था।
सभी जरूरी एप्रूवल मिलने के बाद यह डील पूरी होगी और इसके बाद रिफाइनरी में उत्पादन फिर से शुरू हो सकेगा। इस डील के पूरा हो जाने पर नई कंपनी पूरी तरह माइनिंग और एल्यूमिना कारोबार पर फोकस करेगी।
जबकि, नोवेलिस डो ब्राजील अपने मूल एल्यूमीनियम रोलिंग कारोबार पर फोकस कर सकेगी। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने वर्ष 2007 में नोवेलिस का अधिग्रहण किया था। इस अधिग्रहण के चलते नोवेलिस आदित्य बिड़ला ग्रुप की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनी बन गई थी।
साथ ही, हिंडाल्को दुनिया की सबसे बड़ी एल्यूमिना रोलिंग कंपनी बन गई थी। बीएसई पर शुक्रवार को हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के शेयर का भाव 0.45 फीसदी की बढ़त के साथ 122.80 रुपये पर बंद हुआ। बाजार बंद होते समय कंपनी का पूंजीकरण 23,560 करोड़ रुपये पर दर्ज किया गया।










