शुक्रवार को होगा नाल्को का विनिवेश

फैसला
ईजीओएम ने लिया शेयर बिक्री व प्राइसिंग पर फैसला
हालांकि, बेस प्राइस का खुलासा नहीं किया सरकार ने
मौजूदा भाव पर 1,400 करोड़ की राशि जुटाने की उम्मीद
सरकार ने नेशनल एल्यूमीनियम कंपनी (नाल्को) के विनिवेश को आखिरकार हरी झंडी दे ही दी। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की अध्यक्षता में विनिवेश पर गठित अधिकार प्राप्त मंत्री समूह (ईजीओएम) की यहां हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। तय कार्यक्रम के मुताबिक, नाल्को में सरकार की 12.5 फीसदी हिस्सेदारी शुक्रवार यानी 15 मार्च, 2013 को बेची जाएगी। साथ ही, इस बैठक में विनिवेश के लिए नाल्को के शेयरों की बेस प्राइस भी तय कर दी गई।
ईजीओएम की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में विनिवेश सचिव रवि माथुर ने बताया कि नाल्को में सरकार की इस हिस्सेदारी की बिक्री ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) रूट के जरिए शुक्रवार को की जाएगी। हालांकि, उन्होंने नाल्को के विनिवेश के लिए तय की गई बेस प्राइस का खुलासा नहीं किया।
नाल्को में मौजूदा समय में सरकार की 87.15 फीसदी हिस्सेदारी है। विनिवेश के बाद यह घटकर 75 फीसदी से नीचे आ जाएगी। नाल्को की 12.5 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर 31.31 करोड़ शेयरों की बिक्री से सरकार की झोली में तकरीबन 1,400 करोड़ रुपये की राशि आने की उम्मीद है।
बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर बुधवार को नाल्को के शेयर का भाव मंगलवार की तुलना में 2.32 फीसदी की बढ़त दर्ज करते हुए 46.30 रुपये पर बंद हुआ। बाजार बंद होते समय कंपनी का पूंजीकरण 11,932 करोड़ रुपये पर दर्ज किया गया।
पहले तय किए गए कार्यक्रम के तहत नाल्को का विनिवेश नवंबर, 2012 में ही किया जाना था। लेकिन, बाजार की खराब परिस्थितियों के मद्देनजर सही वैल्यूएशन न मिलने की आशंका में उस समय इसे टाल दिया गया।
बाद में तय किया गया कि वित्त वर्ष 2012-13 की तीसरी तिमाही के कंपनी के वित्तीय नतीजे आने के बाद इसका विनिवेश किया जाएगा।
तीसरी तिमाही में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया और इसका शुद्ध मुनाफा दोगुना होकर 118.94 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2011-12 की समान तिमाही के दौरान कंपनी ने 51.22 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया था।








