स्टीव जॉब्स किसी पहचान के मोहताज नहीं है। वो और उनकी कंपनी आज सफलता का दूसरा नाम है। इसी नाम को स्थापित करने और उसे एक नई पहचान दिलाने का श्रेय स्टीव जॉब्स को जाता है। आज इसी दिग्गज कारोबारी जॉब्स का जन्मदिन है। जॉब्स जब तक जिंदा रहे पूरी तरह से अपनी कंपनी के प्रति समर्पित रहे। इसी समपर्ण के चलते उनकी कंपनी ऐप्पल ने जॉब्स को सारी कॉरपोरेट सुख-सुविधाएं देने में कोई कमी नहीं छोड़ी।
ऐप्पल कंपनी के प्रबंधन बोर्ड ने कंपनी संस्थापक स्टीव जॉब्स को जनवरी 2010 में निजी विमान तब दिया था, जब वह अधिकृत रूप से कंपनी के सीईओ घोषित किए गए थे। यह गल्फ स्टीम वे जेट था, जिसकी कीमत 40 मिलियन डॉलर थी। 2009 में एसईसी इनवेस्टीगेशन ने उजागर किया था कि यह उनका विचार था : मुझे वाकई में एक प्लेन की जरूरत है, मैं अपने परिवार को छुट्टियों पर हवाई आयलैंड में ले जाऊं और बोर्ड तैयार हो गया। लैरी एलिसन ने यह घोषणा करते हुए कहा, जो उन्होंने किया है, उसके लिए हमें उन्हें पांच प्लेन देने चाहिए।
स्टीव ने अपनी सुविधा के अनुसार प्लेन को बनवाने के लिए एक साल से ज्यादा मेहनत की थी। इस्कासन की बायोग्राफी के मुताबिक वह एलिसन के प्लेन शुरुआत में उपयोग करते थे। इस प्लेन में उन्होंने कई सुधार करवाए। जैसे की पॉलिस्ड स्टेनलेस स्टील के बटन के स्थान पर ब्रस्ड मीटल लगवाया। एलिसन ने अपनी किताब में लिखा है कि उन्होंने कहा था, मैं उसके प्लेन को ऐसे देखता हूं जैसे यह मेरा हो। उन्होंने हर चीज जो बदली वह बेहतर थी।
कंपनी उनके प्लेन के उस खर्च के लिए भी तैयार हो गई थी, जब वे इसका उपयोग ऐप्पल के बिजनेस के लिए करते थे। और वर्ष 2006 में इस खर्च का आंकड़ा 202,000 डॉलर, 2007 में 776,000 डॉलर, 2008 में 871,000 डॉलर, 2009 में 4,000 डॉलर और 2010 में 248,000 डॉलर था ।
जॉब्स का यह प्राइवेट जेट एक से बढ़कर एक सुविधाओं से लैस था। इसमें मीटिंग हॉल से लेकर कॉन्फ्रेंसिंग और आराम के लिए लग्जरी बेडरूम और स्लाइड चीयर भी थी। जॉब्स कई बार अपने परिवार के साथ इस जेट में छुट्टियां मनाने जा चुके हैं।
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