नई दिल्ली. देश के 14 गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेट फंड्स (ईटीएफ) के पास कुल 40,000 किलो का सोना भंडार हो गया है।ईटीएफ के तहत निवेशकों को गैर हाजिर रूप में शेयर बाजारों पर इलेक्ट्रानिक रूप में सोने के कारोबार की अनुमति होती है।
देश में गोल्ड ईटीएफ की शुरुआत छह साल पहले हुई थी। इसका मकसद निवेशकों को घरेलू बाजार में मूल्य के हिसाब से सोने पर रिटर्न देना है। लेकिन इसे डीमैट रूप में रखा जाता है।
पहला गोल्ड ईटीएफ बेंचमार्क म्यूचुअल फंड (गोल्डमैन साक्स) ने 2007 के शुरू में की थी। अब देश में इस वर्ग में 14 म्यूचुलअ फंड काम कर रहे हैं। इन सबसके इतर देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) सोने की बढ़ती मांग को कम करने के लिए जल्द ही इस बिक्री पर रोक लगा सकता है। हालांकि, यह रोक बैंकों तक ही सीमित होगी। आरबीआई के इस कदम के बाद लोग बैंकों से सोना नहीं खरीद पाएंगे। ऐसे में सोना खरीदने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहे चालू खाता घाटे को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक आने वाले दिनों में बैंकों द्वारा खरीदे जाने वाले सोने पर अत्याधिक जरूरी परिस्थितियों में आंशिक प्रतिबंध लगा सकता है। सरकार और आरबीआई का मानना है कि सोने के आयात के कारण देश में आयात-निर्यात असंतुलन बढ़ता जा रहा है जिससे चालू खाते का संकट खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है ऐसे में इसे नियंत्रित करने के लिए ठोस उपाय जरूरी हो गए हैं।
आरबीआई ने भी सोने की खरीद को हतोत्साहित करने के लिए बैंको को सोने से जुड़े वित्तीय उत्पादों की बिक्री के आदेश दिए हैं तथा बैंको द्वारा सोने के बदले ऋण दिए जाने पर रोक लगाई है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि इसके बावजूद हालात काबू नहीं आ रहे ऐसे में आगे सोने के आयात पर अंकुश लगाने के तमाम विकल्प खुले रखे जा रहे हैं।
सोने में तेजी
वैश्विक बाजारों में तेजी के रुख के बीच वायदा बाजार में सोने की कीमतें आज 0.16 प्रतिशत मजबूत होकर 30,760 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में अप्रैल डिलीवरी के लिए सोने का वायदा भाव 49 रुपये या 0.16 प्रतिशत मजबूत होकर 30,760 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया और इसमें 5,379 लाट में कारोबार हुआ। इसी तरह, जून डिलीवरी के लिए सोने का भाव 51 रुपये या 0.16 प्रतिशत चढ़कर 31,203 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया और इसमें 148 लाट में कारोबार हुआ।
आगे की स्लाइड पर क्लिक कर देखें सोने की बिक्री बंद होने पर क्या होगा आप पर असर, कौन-कौन कर चुका है सोने की बिक्री पर रोक लगाने की वकालत। साथ ही जानिए क्यों आरबीआई और सरकार कर रहीं हैं ऐसा। इसके अलावा जानिए 3000 अरब रुपये का सोना आखिर कब लिया हमने खरीद।