होम लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज
आम तौर पर बैंक एवं हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां प्रॉपर्टी की कीमत का 75 से 80 प्रतिशत तक के लिए फाइनेंस करते हैं। होम फस्र्ट फाइनेंस कंपनी प्रॉपर्टी की कीमत के 90 प्रतिशत तक के लिए फाइनेंस करती है, हालांकि, इसकी अपनी कुछ शर्तें है। आम तौर पर बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां को होम लोन आवेदन के साथ निम्नलिखित दस्तावेज चाहिए होते हैं-
1. इनकम प्रूफ : इसके लिए नौकरी पेशा व्यक्ति हों या स्व-रोजगारी, दो साल का आयकर रिटर्न दे सकते हैं। हालांकि, कुछ हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां फॉर्म 16 को भी आधार मानती है। इसके अलावा बैंक खाते का स्टेटमेंट भी देना जरूरी होता है। स्व-रोजगारियों के लिए कारोबार का प्रूफ, बैलेंस शीट और आयकर रिटर्न आदि होम लोन अप्लीकेशन के साथ देना होता है।
2. एड्रेस प्रूफ : इसके अंतर्गत बिजली या पानी का बिल, टेलीफोन बिल या पासपोर्ट जैसे दस्तावेज स्वीकार्य होते हैं।
3. नौकरी या कारोबार की विस्तृत जानकारी से जुड़ दस्तावेज।
4. शैक्षणिक योग्यता से जुड़े दस्तावेज।
5. प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात: इसमें टाइटल से लेकर विभिन्न प्राधिकरणों की मंजूरी और नक्शा आदि शामिल होते हैं।
6. आइडेंटिटी प्रूफ : पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट आदि।
संस्थान की शर्तों को समझें
जरूरी नहीं कि आपको जिस लोकैलिटी में प्रॉपर्टी पसंद आई है उसके लिए आपका मनचाही हाउसिंग फाइनेंस कंपनी या बैंक होम लोन दे ही दे।
दरअसल, प्रत्येक बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की टेक्निकल टीम लोकैलिटी और प्रॉपर्टी का आकलन कंपनी के मानदंडों के आधार पर करती है। सबके मानदंड अलग-अलग होते हैं। इसलिए, लोन लेने से पहले बिल्डर और उस लोकैलिटी में रह रहे लोगों से पता कर लें कि वहां कि प्रॉपर्टी के लिए फाइनेंस के क्या विकल्प उपलब्ध हैं।
होम लोन लेते समय ब्याज दरों के अलावा प्रोसेसिंग फीस, प्री-पेमेंट पेनाल्टी आदि पर भी गौर करना चाहिए। कई बार ग्राहकों के साथ ऐसा होता देखा गया है कि उन्होंने होम लोन के लिए आवेदन तो किया पर प्रॉपर्टी या ग्राहक की पात्रता में कमी की वजह से लोन नहीं मिल पाता।
ऐसे में लोन राशि के 0.25 प्रतिशत से 0.75 तक लिया जाने वाला प्रोसेसिंग शुल्क बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां आंशिक रूप से ही वापस करती है।









