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सेंसेक्स ने बनाया 20,000 के पार बैलेंस

बिजनेस भास्कर/एजेंसियां नई दिल्ली/मुंबई | Jan 19, 2013, 02:15AM IST
 
 


डीजल का दम - डीजल के दामों को आंशिक रूप से डिकंट्रोल कर देने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में रैली रही। ग्लोबल संकेतों से भी घरेलू बाजारों को फायदा हुआ। सबसे अच्छी बात यह है कि एफआईआई लगातार बाजार में लिवाली कर रहे हैं।  अमर अंबानी, रिसर्च प्रमुख, आईआईएफएल

आरबीआई पर निगाह - नियर टर्म के लिहाज से तीसरी तिमाही के नतीजे महत्वपूर्ण हैं, लेकिन मीडियम टर्म के लिहाज से बाजार के लिए मुख्य ट्रिगर 29 जनवरी को होने वाली रिजर्व बैंक की बैठक व इसके बाद आने वाला बजट ही होगा। - फणि शेखर, फंड मैनेजर, एंजेल ब्रोकिंग

मजबूत ग्लोबल संकेतों के बीच ऑयल व रियल्टी सेक्टर के शेयरों में हुई जोरदार लिवाली के चलते शुक्रवार को बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक दो साल बाद 20,000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। गुरुवार की 146 अंक की तेजी के बाद शुक्रवार को भी बीएसई सेंसेक्स 75.01 अंक चढ़ गया और शाम को 20,039.04 अंक पर बंद हुआ।

इससे पहले सेंसेक्स 6 जनवरी, 2011 को इस स्तर पर रहा था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी में भी 25.20 अंक की तेजी रही और यह 6,064.40 अंक पर बंद हुआ। सरकार द्वारा गुरुवार को डीजल के दामों को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के हवाले किए जाने का असर शुक्रवार को भी समूचे कारोबारी सत्र पर दिखाई दिया।

सब्सिडी का बोझ कम होने की उम्मीद में निवेशकों ने बीएसई सेंसेक्स की दिग्गज कंपनी ओएनजीसी के शेयरों में जमकर लिवाली की और इसके शेयर का भाव 7.31 फीसदी के उछाल के साथ बंद हुआ। तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा से पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी 1.05 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।

हालांकि, अच्छे नतीजों की घोषणा के बावजूद विप्रो व एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट रही। जबकि, आईटीसी के शेयर का भाव 0.70 फीसदी बढ़कर बंद हुआ। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान कंपनी के मुनाफे में 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

ब्रोकरों के मुताबिक, चीन व अमेरिका से बेहतर आर्थिक आंकड़े आने से ग्लोबल बाजारों में तेजी रही, जिसका सकारात्मक असर घरेलू बाजारों पर भी दिखाई दिया। चीन में आर्थिक ग्रोथ के आंकड़े बाजार की उम्मीद से बेहतर रहे। जबकि, अमेरिका में मकानों की बिक्री चार साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई।

इससे एशियाई बाजार तेजी दर्ज करते हुए बंद हुए और यूरोपीय बाजार भी बढ़त के साथ खुले। आईआईएफएल के रिसर्च प्रमुख अमर अंबानी ने कहा कि डीजल के दामों को आंशिक रूप से डिकंट्रोल कर देने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में रैली रही।

ग्लोबल संकेतों से भी घरेलू बाजारों को फायदा हुआ। सबसे अच्छी बात यह है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लगातार बाजार में लिवाली कर रहे हैं।

एंजेल ब्रोकिंग के फंड मैनेजर फणि शेखर ने कहा कि नियर टर्म के लिहाज से तीसरी तिमाही के नतीजे महत्वपूर्ण हैं, लेकिन मीडियम टर्म के लिहाज से बाजार के लिए मुख्य ट्रिगर 29 जनवरी को होने वाली रिजर्व बैंक की बैठक व इसके बाद आने वाला बजट ही होगा।

ग्लोबल स्तर पर देखें तो दुनिया की दोनों दिग्गज अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका व चीन से बेहतर आंकड़े आने के चलते एशियाई बाजारों में तेजी रही। चीन, हांगकांग, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया व ताइवान के मुख्य इंडेक्स 0.50 फीसदी से लेकर 2.86 फीसदी तक की बढ़त के साथ बंद हुए।

हालांकि, यूरोपीय बाजारों में दोपहर बाद मिला-जुला रुख देखा जा रहा था। खबर लिखे जाते समय ब्रिटेन के एफटीएसई में 0.46 फीसदी व फ्रांस के सीएसी में 0.03 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। हालांकि, जर्मनी के डेक्स में 0.20 फीसदी की गिरावट बनी हुई थी।

घरेलू स्तर पर बीएसई सेंसेक्स में शामिल 30 में से 16 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। उपरोक्त कंपनियों के अलावा एनटीपीसी में 4.59 फीसदी, मारुति सुजुकी में 3.26 फीसदी, गेल में 2.10 फीसदी, एचडीएफसी में 1.56 फीसदी, टाटा पावर में 1.55 फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक में 1.08 फीसदी व एसबीआई में 0.93 फीसदी की बढ़त रही।

दूसरी ओर हीरो मोटोकॉर्प का शेयर 2.86 फीसदी, डॉ. रेड्डीज का 2.60 फीसदी, एचयूएल का 2.10 फीसदी, स्टरलाइट का 2.03 फीसदी, जिंदल स्टील का 2.03 फीसदी, महिंद्रा एंड महिंद्रा का 1.70 फीसदी व भारती एयरटेल का शेयर 1.50 फीसदी टूट गया।

हालांकि, कुल मिलाकर बाजारों की धारणा नकारात्मक रही। बाजारों में सूचीबद्ध कुल कंपनियों में से 1,331 के शेयर लाल निशान के साथ बंद हुए, जबकि हरे निशान में बंद होने वाले शेयरों की संख्या 971 पर रही। एफआईआई ने गुरुवार को घरेलू शेयरों में 564.20 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया।

ग्लोबल हालात - ग्लोबल स्तर पर देखें तो दुनिया की दोनों दिग्गज अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका व चीन से बेहतर आंकड़े आने के चलते एशियाई बाजारों में तेजी रही। चीन, हांगकांग, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया व ताइवान के मुख्य इंडेक्स 0.50 फीसदी से लेकर 2.86 फीसदी तक की बढ़त के साथ बंद हुए।

हालांकि, यूरोपीय बाजारों में दोपहर बाद मिला-जुला रुख देखा जा रहा था। खबर लिखे जाते समय ब्रिटेन के एफटीएसई में 0.46 फीसदी व फ्रांस के सीएसी में 0.03 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। हालांकि, जर्मनी के डेक्स में 0.20 फीसदी की गिरावट बनी हुई थी।

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मजबूत ग्लोबल संकेतों के बीच ऑयल व रियल्टी सेक्टर के शेयरों में हुई जोरदार लिवाली के चलते शुक्रवार को बांबे स्टॉक एक्सचेंज..

 

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