Home » Commodity » Kismein Munafa Kismien Ghata » Slowdown In Edible Oils

संक्रांति के बाद भी खाद्य तेलों में सुस्ती जारी रहने के संकेत

रवि टांक नई दिल्ली | Jan 10, 2013, 02:14AM IST
संक्रांति के बाद भी खाद्य तेलों में सुस्ती जारी रहने के संकेत

मांग कमजोर
भारी ठंड के कारण कमजोर पड़ी अधिकतर खाद्य तेलों की मांग
ज्यादातर खाद्य तेल डेढ़ माह में 5 फीसदी तक सस्ते हुए
बंदरगाहों पर 5-6 लाख टन आयातित खाद्य तेलों का स्टॉक मौजूद

मकर संक्रांति के बाद भी घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट जारी रहने का अनुमान है। कारोबारियों के मुताबिक उत्तर भारत में भारी ठंड के साथ शादी-ब्याह का सीजन नहीं होने के कारण मांग में कमी के चलते वर्तमान में खाद्य तेलों में सुस्ती दर्ज की जा रही है।

रबी सीजन में तिलहन का रकबा बढऩे और विदेशों से आयात अधिक होने के कारण खाद्य तेलों में नरमी जारी रहने के संकेत हैं। कारोबारियों के मुताबिक पिछले डेढ़ माह में खाद्य तेलों का भाव 5 फीसदी कम हुआ है।

दिल्ली थोक बाजार में सोयाबीन तेल का भाव 700 रुपये प्रति दस किलोग्राम, बिनौला तेल 600 रुपये और मूंगफली तेल का भाव 1270-1280 रुपये प्रति दस किलोग्राम के भाव पर है।

सरसों तेल का भाव 1,300-1,490 रुपये प्रति टिन (15 लीटर) के स्तर पर है। द सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन फोर ऑयल इंडस्ट्री एंड ट्रेड (कोएट) के अध्यक्ष सत्यनारायण अग्रवाल ने बताया कि उत्तर भारत में ठंड के कारण अधिकतर खाद्य तेलों की मांग कम हो गई है।

इसके अलावा विदेशों से आयात अधिक होने की वजह से भी कीमतों में मंदी दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में घरेलू बंदरगाहों पर 5-6 लाख टन आयातित खाद्य तेलों का स्टॉक है, जिससे फिलहाल कीमतों में नरमी जारी रहने के संकेत हैं।

दिल्ली वेजीटेबल ऑयल ट्रेडर्स एसोसिएशन के सचिव हेमंत गुप्ता ने कहा कि पिछले एक माह से सीजन नहीं होने के चलते भाव कमजोर हैं। भारी सर्दी को देखते हुए अन्य उत्पादों की मांग बाजार में अधिक होने से खाद्य तेल की खपत कम हो गई है।

हालांकि उन्होंने जनवरी के अंत से शादी-ब्याह के सीजन में मांग निकलने की बात कही है। लेकिन खाद्य तेलों के स्टॉक को देखते हुए और रबी सीजन में तिलहन का रकबा बढऩे के कारण खाद्य तेलों के भाव बढऩे की उम्मीद नहीं है।

आपकी राय

 

मकर संक्रांति के बाद भी घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट जारी रहने का अनुमान है।

  
आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
1 + 5

 
विज्ञापन
 

मार्केट

Ethical voting

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

स्पोर्ट्स

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment