लगातार बड़ रहा है सोया मील का निर्यात

पिछले महीने जनवरी के दौरान भारत से 620,133 टन सोयाबीन खली का निर्यात किया गया। यह गत वर्ष की समान अवधि जनवरी 2012 के दौरान 484,195 टन किया गया था।
इस तरह इस साल सोया खली निर्यात 28.07 प्रतिशत अधिक रहा है। बहरहाल चालू वित्त वर्ष के पहले 10 महीनों में सोया खली निर्यात 17.72 प्रतिशत घटा है।
वर्तमान वित्त वर्ष में अप्रैल 2012 से जनवरी 2013 के दौरान 25,36,062 टन सोयाबीन खली का निर्यात किया गया। यह समान समयावधि (अप्रैल 2011 से जनवरी 2012) में 30,82,267 टन था तथा यह पिछले वर्ष की समान अवधि से 17.72 प्रतिशत कम है।
पिछले अक्टूबर से शुरू हुए मौजूदा तेल वर्ष के दौरान जनवरी तक चार माह के दौरान 16,98,984 टन सोया खली का निर्यात किया गया जो कि गत वर्ष का समान समयावधि में 19,53,415 टन था तथा यह पिछले वर्ष की समान अवधि से 13 प्रतिशत कम है। निर्यात के इन आंकड़ों में बांग्लादेश, नेपाल एवं पाकिस्तान को सड़क एवं रेल मार्ग से किए गए निर्यात के आंकड़े सम्मिलित नहीं हैं।
जनवरी में सोयाबीन खली का सबसे ज्यादा निर्यात जापान को 95,558 टन किया गया। चालू वित्त वर्ष के 10 महीनों में जापान को कुल 4.67 लाख टन पर पहुंच चुका है। दूसरे नंबर पर वियतनाम रहा जहां 88,182.91 टन का निर्यात किया गया। किंतु 10 महीनों में निर्यात 2.70 लाख टन रहा।
कोरिया को जहां अप्रैल 2012 में 47,500 टन सोयाखली का निर्यात किया गया, जो जनवरी 2013 में आंशिक रूप से घटकर 44620 टन रहा। पूरे 10 महीनों के दौरान निर्यात 1.47 लाख टन रहा। इंडोनेशिया को जनवरी 2013 में 41,140.82 टन सोयाखली का निर्यात हुआ। वहीं गत 10 महीनों में निर्यात 1.79 लाख टन रहा।
यूरोपीय देशों में भारत से सोयाखली का काफी अच्छा निर्यात फ्रांस को किया गया। इस यूरोपीय देश को जनवरी में 27500 टन सोया खली का निर्यात किया गया। मजे का बात यह है कि अप्रैल 2012 से लेकर अक्टूबर 2012 तक फ्रांस को कोई निर्यात नहीं किया गया।
केवल नवंबर में इस 2.01 लाख टन सोयाखली का निर्यात किया गया था। इस तरह गत 10 महीनों में से केवल दो महीनों नवंबर और जनवरी में फ्रांस को निर्यात किया गया, जो 2.28 लाख टन रहा।








