Home » Karobar Jagat » Company News » Ten Companies Until August Disinvestment / Divestment Will Meet The 76 Billion

अगस्त 2013 तक होगा 10 कंपनियों का विनिवेश, झोली में आएंगे 76 अरब रुपये

शिशिर चौरसिया नई दिल्ली | Jan 06, 2013, 15:17PM IST
अगस्त 2013 तक होगा 10 कंपनियों का विनिवेश, झोली में आएंगे 76 अरब रुपये

शेयर बाजार में सूचीबद्ध सार्वजनिक क्षेत्र की तकरीबन 10 कंपनियों (पीएसयू) में अगस्त 2013 तक कम से कम 10 फीसदी शेयरों का विनिवेश हो जाएगा। इस मकसद से चालू वित्त वर्ष के लिए तो कार्ययोजना बना कर काम किया ही जा रहा है, अलगे वर्ष के लिए भी तैयारी शुरू हो गई है।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय में विनिवेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक वर्ष 2012-13 के लिए बनाई गई कार्ययोजना (एक्शन प्लान) के मुताबिक काम चल रहा है। उनके मुताबिक बाजार नियामक सेबी का निर्देश सबके लिए मान्य है और इसमें सरकारी कंपनियों के लिए कहीं कोई छूट नहीं है।

इसी को सरकार भी मान रही है। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) का थोड़ा विनिवेश हुआ है, दो-तीन फीसदी और विनिवेश बचा है जिसे अगले वित्त वर्ष में अंजाम दिया जाएगा। फिलहाल एमएमटीसी लिमिटेड के विनिवेश की तैयारी चल रही है जिसे मार्च से पहले पूरा कर लिया जाएगा। इस बार विनिवेश से उसमें 10 फीसदी की सीमा पूरी हो जाएगी।

एक अन्य अधिकारी के मुताबिक एमएमटीसी के लिए बैंकर की नियुक्ति हो गई है। इसमें सवा नौ फीसदी के विनिवेश का प्रस्ताव है। हालांकि एनटीपीसी में पहले से ही अनिवार्य 10 फीसदी की विनिवेश सीमा पूरी हो चुकी है लेकिन चालू वर्ष के दौरान इसमें भी विनिवेश का प्रस्ताव है जिसके लिए अगले सप्ताह बैंकर की नियुक्ति हो जाएगी। उनके मुताबिक इस वर्ष पिछले साल के मुकाबले पूंजी बाजार का माहौल बेहतर है इसलिए निनिवेश कार्यक्रम में कोई अड़चन नहीं आएगी।

उन्होंने बताया कि इस बारे में कैबिनेट सेक्रेटरी की तरफ से भी भी उन्हें एक पत्र आया है कि लिस्टेड कंपनियों के कम से कम 10' शेयर अगस्त 2013 तक अनिवार्य रूप से पब्लिक के पास चले जाएं। इससे कितने पैसे सरकार को मिलेंगे, इस सवाल पर उन्होंने कुछ भी बताने से अनभिज्ञता जाहिर की। उनके मुताबिक जिस समय शेयर बेचे जाएंगे, उस समय उसकी बाजार में क्या कीमत होगी, उसी से यह पता चलेगा कि सरकार को कितने पैसे मिलेंगे।

 

विनिवेश से मिलेंगे 76 अरब

निजी कंपनियों में जून 2013 तक प्रमोटरों की हिस्सेदारी घटाकर 75 फीसदी पर लाने और सरकारी कंपनियों में इसे अगस्त 2013 तक घटाकर 90 फीसदी पर लाने की योजना पर कुछ कंपनियों ने काम शुरू कर दिया है। इस कड़ी में सरकार अगर अपनी कंपनियों में मौजूदा शेयर भाव पर हिस्सेदारी घटाती है तो उसे 7,646 करोड़ रुपये इससे मिलेंगे।

'बिजनेस भास्कर' के लिए विशेष तौर से इन कंपनियों पर एसएमसी ग्लोबल ने विश्लेषण किया है। एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज के जगन्नाधम थुनुगुंटला कहते हैं कि कुल 11 सरकारी कंपनियां ऐसी हैं, जिसमें सरकारी हिस्सेदारी 90 फीसदी से ज्यादा है।

थुनुगुंटला कहते हैं कि इन सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण शुक्रवार के बंद शेयर भावों के आधार पर 106339 करोड़ रुपये बैठता है। इस तरह इसमें हिस्सेदारी घटाने पर सरकार को 7646 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसमें से सबसे ज्यादा राशि उसे एमएमटीसी से मिलेगी जो करीब 5997 करोड़ रुपये होगी। नेवेली लिग्नाइट से 489 करोड़ रुपये, एचएमटी से 279 करोड़ रुपये मिलेंगे।

किसमें कितना सरकारी हिस्सा
एमएमटीसी 99.33'
एचएमटी 98.88'
एफएसीटी  98.56'
नेशनल फर्टिलाइजर 97.64'
स्कूटर्स इंडिया 95.38'
नेवेली लिग्नाइट  93.56'
एंड्रयू यूल एंड कंपनी 93.30'
आईटीआई 92.98'
आरसीएफ 92.50'
आईटीडीसी 92.11'
एसटीसी 91.02'
(स्रोत: एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज)

आपकी राय

 

शेयर बाजार में सूचीबद्ध सार्वजनिक क्षेत्र की तकरीबन 10 कंपनियों (पीएसयू) में अगस्त 2013 तक कम से कम 10 फीसदी शेयरों का विनिवेश हो जाएगा।

आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
9 + 3

 
विज्ञापन
 

मार्केट

Ethical voting

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

स्पोर्ट्स

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment