दलाल पथ पर दिखे दिशाहीनता के हालात

चिदंबरम की चुनौती - हर किसी की निगाह इस बात पर होनी चाहिए कि वित्त मंत्री पी. चिदंबरम लोकलुभावन व व्यावहारिक अपेक्षाओं के बीच किस तरह से संतुलन स्थापित करते हैं। विशेष रूप से राजकोषीय संतुलन के मामले में यह देखना काफी दिलचस्प होगा। साथ ही, बजट में की जाने वाली घोषणाओं पर काम भी करना होगा, वरना ग्लोबल स्तर पर जोखिम से बचने की रणनीति के तहत विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भी बिकवाली पर उतारू हो सकते हैं। - विजय केडिया, डायरेक्टर, केडिया सिक्युरिटीज
किसी बड़े ट्रिगर के अभाव में दलाल पथ पर दिशाहीनता के हालात दिखाई दिए। काफी कम कारोबारी गतिविधियों के बीच चुनिंदा शेयरों में हुई खरीद-फरोख्त के बाद शाम को बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक 8.35 अंक की गिरावट के साथ 19,317.01 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स का यह 24 दिसंबर, 2012 के बाद का सबसे निचला बंद स्तर रहा। उस दिन सेंसेक्स 19,255.09 अंक पर बंद हुआ था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी भी 1.95 अंक की कमजोरी दर्ज करते हुए 5,850.30 अंक पर रहा।
ब्रोकरों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2012-13 की तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों की सीजन समाप्त हो चुका है और अब घरेलू स्तर पर बाजारों के लिहाज से बजट से पहले कोई ट्रिगर नहीं दिख रहा है। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम 28 फरवरी, 2013 को वित्त वर्ष 2013-14 का केंद्रीय बजट पेश करेंगे।
इसी दिन फरवरी सीरीज की फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी भी है। इन हालात में निवेशक किसी भी सेक्टर में अपनी पोजिशंस बढ़ाने से बचकर रहने में ही फायदा देख रहे हैं। उधर, ग्लोबल बाजारों का रुख भी मिला-जुला ही रहा, जिसके चलते वहां से भी घरेलू बाजारों को कोई दिशा नहीं मिल पाई।
हालांकि, कुछ चुनिंदा शेयरों में जरूर एक्शन दिखाई दिया। एक अरब डॉलर की बांड बिक्री योजना के तेजी पकडऩे के मद्देनजर टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज भारती एयरटेल के शेयरों में 4.6 फीसदी की तेजी रही। जबकि, तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी बढऩे की आशंका से आईटीसी के शेयर का भाव 1.5 फीसदी टूट गया।
गोल्डमैन सैक्श द्वारा डाउनग्रेड किए जाने से एचडीएफसी के शेयर का भाव भी दो फीसदी टूट गया।हालांकि, जामनगर में 45 करोड़ डॉलर के निवेश वाले ब्यूटिल रबर प्लांट का निर्माण कार्य शुरू होने की खबर के चलते रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 0.7 फीसदी की तेजी रही।
केडिया सिक्युरिटीज के डायरेक्टर विजय केडिया के मुताबिक, हर किसी की निगाह इस बात पर होनी चाहिए कि वित्त मंत्री पी. चिदंबरम लोकलुभावन व व्यावहारिक अपेक्षाओं के बीच किस तरह से संतुलन स्थापित करते हैं। विशेष रूप से राजकोषीय संतुलन के मामले में यह देखना काफी दिलचस्प होगा।
साथ ही, बजट में की जाने वाली घोषणाओं पर काम भी करना होगा, वरना ग्लोबल स्तर पर जोखिम से बचने की रणनीति के तहत विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भी बिकवाली पर उतारू हो सकते हैं।
ग्लोबल स्तर पर देखें तो चीन में मौद्रिक नीति में सख्ती बरते जाने की आशंका के मद्देनजर शंघाई कंपोजिट 0.51 फीसदी गिर गया। साथ ही, हांगकांग व ताइवान के इंडेक्स भी गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि जापान, सिंगापुर व दक्षिण कोरिया के बाजारों में तेजी रही।
दूसरी ओर, यूरोपीय बाजारों में दोपहर बाद अच्छी तेजी देखी जा रही थी। खबर लिखे जाते समय ब्रिटेन के एफटीएसई में 0.69 फीसदी, जर्मनी के डेक्स में 1.05 फीसदी और फ्रांस के सीएसी में 1.85 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा था।
घरेलू स्तर पर बीएसई सेंसेक्स में शामिल 30 में से 15 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए और 14 में बढ़त रही, जबकि टाटा पावर पूर्व स्तर पर ही बंद हुआ। एचयूएल में 2.60 फीसदी, कोल इंडिया में 2.31 फीसदी, मारुति सुजुकी में 2.09 फीसदी व टाटा मोटर्स में 1.60 फीसदी की गिरावट रही।
दूसरी ओर विप्रो का शेयर 2.43 फीसदी, सन फार्मा का 1.96 फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक का 1.22 फीसदी, इंफोसिस का 1.06 फीसदी व महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 0.95 फीसदी चढ़ गया।
कुल मिलाकर बाजार की धारणा नकारात्मक रही। बाजारों में सूचीबद्ध कुल कंपनियों में से 1,071 के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों की संख्या 1,037 पर रही। कमजोर कारोबारी गतिविधियों के चलते बाजार का कुल टर्नओवर कल के 1,957.61 करोड़ रुपये से गिरकर 1,724.64 करोड़ रुपये पर आ गया। हालांकि, एफआईआई ने गुरुवार को घरेलू शेयरों में 1,213.57 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया।
ग्लोबल हालात - ग्लोबल स्तर पर देखें तो चीन में मौद्रिक नीति में सख्ती बरते जाने की आशंका के मद्देनजर शंघाई कंपोजिट 0.51 फीसदी गिर गया। साथ ही, हांगकांग व ताइवान के इंडेक्स भी गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि जापान, सिंगापुर व दक्षिण कोरिया के बाजारों में तेजी रही।
दूसरी ओर, यूरोपीय बाजारों में दोपहर बाद अच्छी तेजी देखी जा रही थी। खबर लिखे जाते समय ब्रिटेन के एफटीएसई में 0.69 फीसदी, जर्मनी के डेक्स में 1.05 फीसदी और फ्रांस के सीएसी में 1.85 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा था।








