गांव-घर में एक कहावत चलती है – बुरे वक्त में सोना ही काम आता है। साथ ही, इस पीले धातु को शुद्ध भी माना जाता है। शायद इसीलिए भारतीय समाज से लेकर लगभग हर देश में लोग नव-विवाहित जोड़े को सोना या इसके बने आभूषण गिफ्ट में देते हैं।
हाल के दिनों में भारत सरकार और रिजर्व बैंक इस प्रयास में हैं कि लोग कम से कम सोना खरीदें। इसके लिए बैंकों से सोना खरीदने पर भी रोक लगाई जा रही है। इस निर्णय के पीछे सोने के रिजर्व भंडार और अर्थव्यवस्था का स्थिरीकरण को कारण बताया जा रहा है। इसके चलते सोने की मांग में करीब 12 फीसदी कमी आई है। नतीजतन हाल में ही सोना 6 महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। दिल्ली में सोना 235 रुपये गिरकर 30390 रुपये प्रति दस ग्राम के दर पर बिका। अगस्त-सितंबर 2012 में सोना इस रेट पर था।
सोने की कीमत में आई इस गिरावट के पीछे कमजोर वैश्विक रुख और स्टॉकिस्टों की लगातार हो रही बिकवाली को भी एक कारण माना जा रहा है। किसी देश की अर्थव्यवस्था उसके गोल्ड रिजर्व (देश के सेंट्रल बैंक में जमा सोना, जैसे भारत के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में जमा सोना) से आंकी जाती है और इसी के एवज में आपको वर्ल्ड बैंक से कर्ज भी मिलता है।
सेंट्रल बैंक ऑफ गोल्ड एग्रीमेंट (CBGA) के तहत एक देश की सरकार सोना बेचती या खरीदती है। पहला सेंट्रल बैंक ऑफ गोल्ड एग्रीमेंट (CBGA 1) 27 सितम्बर 1999 से 26 सितम्बर 2004 तक था। 27 सितम्बर 2004 से 26 सितम्बर 2009 तक CBGA 2 था। 27 सितम्बर 2009 से CBGA 3 लागू है। एक संस्था है वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल। किस देश के पास कितना सोना है, इसका लेखा-जोखा यही संस्था रखती है।
तो क्या आप जानते हैं कि किस देश के पास है सबसे ज्यादा गोल्ड रिजर्व? टॉप 20 गोल्ड रिजर्व वाले देश कौन कौन से हैं?आगे की स्लाइड पर क्लिक कर जानें कि किस देश के पास है सबसे ज्यादा सोना? टॉप 20 गोल्ड रिजर्व वाले देशों की सूची में भारत का स्थान कौन सा है? साथ ही जानिए कौन किसके आगे है और कौन किसके पीछे?