ट्रांसपोर्ट अलाउंस में चार गुनी टैक्स छूट के आसार

मौजूदा स्थिति - फिलहाल ट्रांसपोर्ट अलाउंस के मद में हर माह 800 रुपये तक की राशि को आमदनी में नहीं जोड़ा जाता है
क्या संभव - इसे बढ़ा कर 3200 रुपये करने की चर्चाएं हैं, यदि ऐसा होता है तो करोड़ों वेतनभोगियों को मिलेगी राहत
परिवहन भत्ता (ट्रांसपोर्ट अलाउंस) के मद में आयकर में मिलने वाली छूट की सीमा को चार गुना तक बढ़ाने की बात चल रही है। वित्त मंत्री पी चिदंबरम इसकी घोषणा वर्ष 2013-14 के बजट में कर सकते हैं।
फिलहाल इस मद में हर महीने 800 रुपये तक की राशि को आमदनी में नहीं जोड़ा जाता है, जिसे बढ़ा कर 3200 रुपये करने की चर्चा है। यदि ऐसा होता है तो इससे देश के करोड़ों वेतनभोगियों को राहत मिलेगी।
वित्त मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, परिवहन भत्ते में जो आयकर छूट दी जा रही है, उसकी मांग प्राइवेट फोरम के साथ-साथ सरकारी महकमों से भी आ रही है। देश के सबसे बड़े नियोजक रेलवे ने तो इस बारे में औपचारिक रूप से पत्र लिख कर अनुरोध किया है।
गौरतलब है कि आयकर विभाग कार्यस्थल से निवास स्थान के बीच आने-जाने में होने वाले खर्च को आमदनी के मद में नहीं जोड़ता है लेकिन फिलहाल प्रति माह इसकी ऊपरी सीमा 800 रुपये तक ही रखी गई है। पांचवें वित्त आयोग ने शहरों के वर्गीकरण के आधार पर परिवहन भत्ते के तीन स्लैब 100, 400 और 800 रुपये प्रति माह तय किए थे।
इसके आधार पर ही वर्ष 1995 में इस मद में आयकर छूट की ऊपरी सीमा 800 रुपये प्रति माह निर्धारित की गई थी। वैसे तो छठे वेतन आयोग ने इस भत्ते के तहत 100 रुपये को बढ़ा कर 800 रुपये, 400 रुपये को बढ़ा कर 1600 रुपये और 800 रुपये को बढ़ा कर 3200 रुपये कर दिया है, लेकिन विभाग ने छूट की सीमा में कोई बढ़ोतरी नहीं की है।
इससे सरकारी कर्मचारियों का भी इस मद में काफी पैसा टैक्स में जा रहा है। दिल्ली जैसे शहर में तो हर महीने इससे कहीं ज्यादा राशि ऑफिस आने-जाने में खर्च होती है। इस मांग का समर्थन निजी क्षेत्र के कर्मियों और रक्षा, रेलवे एवं अन्य मंत्रालयों के कर्मचारियों के साथ-साथ आयकर अधिकारी भी कर रहे हैं।








