नए बैंक लाइसेंसों पर आरबीआई एक्टिव

बैंक लाइसेंस पाने की इच्छुक कंपनियों के लिए अच्छी खबर है। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक ने इस दिशा में अपनी सक्रियता काफी तेज कर दी है। उम्मीद है कि नए खिलाडिय़ों को बैंक लाइसेंस दिए जाने के बारे में आरबीआई अगले 4-6 हफ्तों में अंतिम दिशा-निर्देश जारी कर देगा। इसके साथ ही नए बैंक खोलने की इच्छुक कंपनियां भी इससे जुड़े बुनियादी कार्य पूरे करने में अभी से ही जुट गई हैं। इन कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, रेलिगेयर और लार्सन एंड टुब्रो जैसे ग्रुप भी शामिल हैं।
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक आरबीआई जनवरी महीने के अंत में या फरवरी के अगले हफ्ते तक नए बैंक लाइसेंसों के बारे में अपने अंतिम दिशा-निर्देश जारी कर देगा। वित्त मंत्रालय फिलहाल नए बैंक लाइसेंसों के बारे में विगत महीनों के दौरान आरबीआई द्वारा जारी किए गए मसौदा दिशा-निर्देशों पर अपनी अंतिम टिप्पणियां उसे भेजने की तैयारी में है। इस बारे में वित्त मंत्रालय के कमेंट्स मिलते ही भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से फाइनल गाइडलाइंस जारी कर दिए जाने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
आरबीआई फिलहाल नए बैंक लाइसेंसों से जुड़े अपने मसौदा दिशा-निर्देशों के बारे में विभिन्न पक्षों से मिले सुझावों पर गौर कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर आनंद सिन्हा अगले महीने रिटायर हो रहे हैं। चूंकि आनंद सिन्हा ही मौजूदा समय में आरबीआई के बैंकिंग परिचालन व विकास विभाग के प्रभारी हैं, इसलिए यह माना जा रहा है कि उनके रिटायर होने से पहले ही आरबीआई नए बैंक लाइसेंसों से जुड़ी अपनी गाइडलाइंस को अंतिम रूप दे देगा।
नए बैंक खोलने के इच्छुक अन्य कंपनी समूहों में आदित्य बिड़ला ग्रुप और श्रीराम ग्रुप भी शामिल हैं। ये कंपनी समूह फिलहाल यह जानने को बेकरार हैं कि आखिरकार नियामक ढांचा किस तरह का होगा। वैसे, कुछ कॉरपोरेट घरानों को यह भरोसा है कि वे नियामक ढांचे के अनुरूप खुद को ढालने में सक्षम होंगे।








