विज्ञापन
 
Home >> Karobar Jagat >> Company News >> ऑटो कंपनियां श्रीलंका में शुरू कर सकती हैं एसेंबलिंग

ऑटो कंपनियां श्रीलंका में शुरू कर सकती हैं एसेंबलिंग

रक्षित सिंह नई दिल्ली | Dec 19, 2012, 00:42AM IST
 
 


हलचल
मारुति सुजूकी जल्द ही एक छोटी एसेंबली की शुरुआत श्रीलंका में कर सकती है
टाटा मोटर्स, अशोक लेलैंड, बजाज ऑटो आदि भी इस दिशा में कर सकती हैं विचार
महिंद्रा एंड महिंद्रा द्वारा एक स्थानीय कंपनी के साथ इस बारे में बातचीत की खबरें हैं

बात पते की - अभी तक श्रीलंका में ऑटोमोबाइल उद्योग में निर्माण नहीं के बराबर है। लिहाजा, भारतीय कंपनियां यहां पर सबसे पहले अपनी पकड़ बनाने की कोशिश करेंगी

नई दिल्ली - श्रीलंका ने फिलहाल आयात शुल्क में किसी भी प्रकार की कटौती से इंकार कर दिया है। भारत ने पिछले सप्ताह कोलंबो में अपने दूतावास के जरिए यह मुद्दा उठाया था। श्रीलंका के डिप्टी मिनिस्टर ऑफ फाइनेंस एंड प्लानिंग सरथ अमुनूगामा ने कहा कि यह मसला भारतीय उत्पादों के लिए नहीं है। हमारी बैलेंस ऑफ पेमेंट की समस्या है क्योंकि निर्यात से हमारी आमदनी काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि फिलहाल आयात शुल्क में कटौती नहीं की जाएगी। (प्रेट्र)


आयात शुल्क में फिलहाल कटौती नहीं : श्रीलंका
श्रीलंका द्वारा हाल ही में आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी किए जाने के चलते देश की कई प्रमुख कार, दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कंपनियां स्थानीय एसेंबलिंग पर विचार कर रही हैं। आने वाले महीनों के दौरान कई प्रमुख कंपनियां श्रीलंका में स्थानीय एसेंबलिंग शुरू भी कर सकती हैं। ऑटोमोबाइल उद्योग के सूत्रों का कहना है कि देश की सबसे बड़ी पैसेंजर वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजूकी का नाम इस फेहरिस्त में सबसे आगे हैं।


सूत्रों ने बताया कि मारुति सुजूकी जल्द ही एक छोटी एसेंबली की शुरुआत श्रीलंका में कर सकती है। इसके अलावा भी देश की कई अन्य कंपनियां जैसे टाटा मोटर्स, अशोक लेलैंड, बजाज ऑटो आदि भी इस दिशा में विचार कर सकती हैं। सूत्रों ने बताया कि मारुति सुजूकी के अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा भी श्रीलंका में स्थानीय एसेंबलिंग पर गौर कर रही है और श्रीलंका की एक कंपनी के साथ बातचीत की प्रक्रिया में है। हालांकि, दोनों ही कंपनियों से इस खबर के बारे में पुष्टि नहीं हो सकी है।


सूत्रों ने बताया कि श्रीलंका में ऑटोमोबाइल का बाजार तेजी के साथ विकसित हो रहा है। अभी तक श्रीलंका के ऑटोमोबाइल बाजार में भारतीय कंपनियों का ही दबदबा है। लेकिन, हाल ही में श्रीलंका ने सभी वाहनों के आयात शुल्क में तकरीबन 100 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसके चलते भारतीय कंपनियों की बिक्री पर सीधा असर पड़ेगा।


लिहाजा, जिन कंपनियों की श्रीलंका में मजबूत पकड़ है या फिर भविष्य में अच्छी बिक्री की उम्मीद है, वह कंपनियां जल्द से जल्द श्रीलंका में अपनी स्थानीय एसेंबलिंग शुरू करेंगी। सूत्रों ने बताया कि अभी तक श्रीलंका में ऑटोमोबाइल उद्योग में निर्माण नहीं के बराबर है। लिहाजा, भारतीय कंपनियां यहां पर सबसे पहले अपनी पकड़ बनाने की कोशिश करेंगी।

 
 
 

आपके विचार
 
 
कोड:
6 + 6

 
Ad Link
विज्ञापन
 

मार्केट

 
 
 
Sabse Bada Match Fixer Contest
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment