बैंक इसके लिए कंपनियों के साथ कर रहे हैं समझौते
वाहनों की मांग में आई सुस्ती को देखते हुए देश के प्रमुख बैंक अब कंपनियों के साथ समझौते कर ब्याज दरों में छूट देकर ऑटो लोन कारोबार बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। बैंकर्स के अनुसार अर्थव्यवस्था में मौजूदा सुस्ती के चलते ही कॉरपोरेट और इंडस्ट्री की तरफ से कर्ज की मांग में कमी आई है जिसे देखते हुए रिटेल लोन में कम जोखिम है। ऑटो लोन की ब्याज दरों पर आकर्षक ऑफर्स देकर बैंक कारोबार बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।
पंजाब नेशनल बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में रिटेल लोन में जोखिम कम है। बैंक इसे देखते हुए अपने कुल कर्ज में रिटेल लोन की हिस्सेदारी को मौजूदा 10 फीसदी से बढ़ाकर 13 फीसदी करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है जिसमें ऑटो लोन की प्रमुख हिस्सेदारी रहेगी। बैंक अभी कार लोन के लिए स्पेशल स्कीम 31 जनवरी, 2012 तक चला रहा है। बैंक कार की एक्स-शोरूम कीमत के आधार पर 100 फीसदी तक फाइनेंस की सुविधा दे रहा है।
बैंक तीन साल से कम अवधि की स्कीम पर 11.25 फीसदी ब्याज और तीन से लेकर सात साल की अवधि के लिए 11.75 फीसदी ब्याज ले रहा है। कॉरपोरेशन बैंक एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार बैंक इस समय रिटेल लोन ज्यादा से ज्यादा देने पर जोर दे रहा है। बैंक व्हीकल लोन पर फोकस कर रहा है। इसके तहत हर जोन में दिसंबर तक कम से कम 500 वाहनों को फाइनेंस करने का लक्ष्य है।
इसी तरह भारतीय स्टेट बैंक ने निसान मोटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया है। इस समझौते के तहत स्टेट बैंक निसान के ग्राहकों को मौजूदा ब्याज दर से एक फीसदी तक कम ब्याज दर पर फाइनेंस की सुविधा देगा। बैंक निसान के ग्राहकों को ऑटो लोन फ्लोटिंग रेट पर 11.75 फीसदी ब्याज दर और 11.75 फीसदी के फिक्स्ड रेट पर कर्ज देगा।
देना बैंक ने भी इसी तरह टीवीएस मोटर कंपनी लिमिटिड के साथ तिपहिया वाहनों की फाइनेंसिंग के लिए समझौता किया है। समझौते के तहत बैंक टीवीएस के तिपहिया वाहनों पर 90 फीसदी तक राशि फाइनेंस करेगा। बैंक इसके लिए ग्राहकों को आकर्षक ब्याज दर पर कर्ज देगा।