काली फिल्में न हटीं तो बसें जब्त होंगी

रात में बसों के भीतर पर्याप्त रोशनी रखना अनिवार्य
राजधानी में चलती हुई बस में गैंग रेप की घटना के बाद केंद्र ने पुलिस को बसों से काली फिल्में और पर्दे हटाने के निर्देश दिए। ऐसा न करने पर पुलिस को ऐसी बसें जब्त करने को कहा गया है।
घटना की चौतरफा आलोचना के बाद गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बुधवार को राज्यसभा में घोषणा की कि बसों में ऐसे अपराध दोबारा न हो इसके लिए बसों के शीशे पर काली फिल्में लगाना प्रतिबंधित कर दिया गया है। मंत्री ने यह भी बताया कि बसों में रात में पर्याप्त रोशनी रखना अनिवार्य कर दिया गया है।
हाईकोर्ट ने पूछा, बताइए गश्त ड्यूटी पर कौन से अफसर थे
नई दिल्ली - दुष्कर्म मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लिया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर से कोर्ट ने दो दिन के भीतर जांच की डिटेल स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। साथ ही पूछा है कि घटना वाली रात गश्त ड्यूटी पर उस इलाके में कौन से अफसर तैनात थे। अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी। चीफ जस्टिस डी. मुरुगेशन की अध्यक्षता वाली बेंच ने बुधवार को सुनवाई की। अदालत ने अचरज जताया कि आखिर 40 मिनट तक बस बिना की रोकटोक के कैसे घूमती रही। उसे कहीं रोका क्यों नहीं गया? अदालत ने पुलिस कमिश्नर से पूछा कि दिल्ली में बसों के शीशों से रंगीन फिल्म हटाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए।
एसआईटी टीम - दक्षिण दिल्ली में हुए गैंग रेप मामले की जांच के लिए डीसीपी की अगुवाई में एक एसआईटी टीम बनेगी और पीडि़त छात्रा का बयान होश आने पर एक महिला आईपीएस अफसर लेगी। बदमाशों पर नजर रखने के लिए पीसीआर वैन की संख्या बढ़ाई जाएगी।
फिर ऑपरेशन - घायल लड़की के पेट का ऑपरेशन किया गया। उसके पेट से खून बहुत बहा है। इससे उसके आंतों के नुकसान की आशंका है।हालत में सुधार न होने पर बुधवार को भी उसका ऑपरेशन किया गया ताकि उसके पेट में लगी चोटों के बारे में पता चल सके।
दोषियों को फंासी की सजा मिले
दोषियों को फंासी की सजा मिले भरतीय मजदूर संघ के महासचिव बैजनाथ राय ने सरकार से कानून में संशोधन की सिफारिश की है जिससे गैंग रेप के दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जा सके। उन्होंने इंडियन पैनल कोड और क्रिमिनल प्रोसीजर कोड में संशोधन करके दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि इस अपराध की आलोचना करके और एक दूसरे पर दोष मढऩा छोड़कर सांसदों को यह मामला सही दिशा की ओर ले जाना चाहिए।
दो ने जुर्म कबूला, मांगी फांसी
नई दिल्ली - गैंग रेप के तीन आरोपियों को बुधवार को साकेत कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने दो आरोपियों- विनय और पवन को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया जबकि मुकेश को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
इससे पहले साकेत कोर्ट में पेशी के बाद मुख्य आरोपी के भाई मुकेश कुमार ने आइडेंटिफिकेशन परेड को मंजूरी दे दी जबकि दो अन्य आरोपी विनय और पवन ने अपना गुनाह कुबूल करते हुए आईडेंटीफिकेशन परेड से मना कर दिया। उसने कोर्ट में कहा कि उसने गुनाह स्वीकार कर लिया है और अब उसे फांसी दे दी जाए।
मुख्य आरोपी राम सिंह ने पुलिस पूछताछ में कहा कि उसे अपने किए पर पछतावा नहीं है। जांच से पचा चला कि लड़की के साथ रेप के पहले छह आरोपियों ने जमकर शराब पी और मस्ती के लिए बस लेकर वे रविवार की रात को शहर में निकल पड़े। राम ने पुलिस को बताया कि उसे तब ज्यादा गुस्सा आया जब लड़की ने उसके हाथों में अपने दांतों से काट लिया।







