सरकारी ईटीएफ पर कैबिनेट नोट जल्द

लांचिंग की तैयारी
अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में लांच हो सकता है सीपीएसई ईटीएफ
ईटीएफ में शामिल किया जाएगा 20 सरकारी कंपनियों के शेयरों को
ओएनजीसी, आईओसी, पीएफसी व भेल के भी शेयर होंगे शामिल
वित्त मंत्रालय ने केंद्र सरकार की मुनाफे में चल रही कंपनियों के लिए एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया के तहत वित्त मंत्रालय जल्द ही इस ईटीएफ पर एक कैबिनेट नोट जारी करने जा रहा है। इस नोट के जरिए ईटीएफ के मुद्दे पर विभिन्न मंत्रालयों की प्रतिक्रिया ली जाएगी। इस ईटीएफ में केंद्र सरकार के 20 सार्वजनिक उपक्रमों के शेयरों को शामिल किया जाना है।
एक आला अधिकारी ने बताया कि सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (सीपीएसई) के ईटीएफ के गठन के लिए वित्त मंत्रालय जल्द ही कैबिनेट नोट जारी करने जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कैबिनेट नोट को मंत्रालयों की सलाह के लिए वितरित किया जाएगा। इसके बाद, दो सप्ताह के भीतर ईटीएफ के गठन का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखे जाने की संभावना है।
इस ईटीएफ के गठन का मुख्य उद्देश्य विनिवेश की प्रक्रिया के दौरान सरकारी कंपनियों के शेयरों के लिए बेहतर मूल्य हासिल करना है। जिन कंपनियों के शेयर इसमें शामिल किए जाने का प्रस्ताव है, उनमें ओएनजीसी, इंडियन ऑयल, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन, एनटीपीसी, एनएमडीसी व भेल शामिल हैं।
विनिवेश विभाग ने इस ईटीएफ के गठन व मार्केटिंग पर सलाहकार के तौर पर हाल ही में आईसीआईसीआई सिक्युरिटीज का चयन किया है। उक्त अधिकारी के मुताबिक, इस सीपीएसई ईटीएफ को अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में लांच कर दिए जाने की संभावना है। हाल ही में जारी केलकर समिति की रिपोर्ट में भी अच्छी वित्तीय स्थिति वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों को शामिल करते हुए एक ईटीएफ के गठन का सुझाव दिया गया था।
किसी ईटीएफ को इंडेक्स फंड अथवा कमोडिटी के आधार पर बैंचमार्क किया जाता है। भारत में ईटीएफ की शुरुआत वर्ष 2001 में की गई थी। मौजूदा समय में देश में 33 ईटीएफ हैं, जिनके अधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) 11,500 करोड़ रुपये के करीब है और इनमें 6.2 लाख निवेशकों ने निवेश किया हुआ है। ग्लोबल स्तर पर बीते दशक के दौरान ईटीएफ की सालाना औसत ग्रोथ 34 फीसदी के स्तर पर रही है और इनके अधीन परिसंपत्तियों का आंकड़ा 15 खरब डॉलर के करीब बताया जाता है।







