सीसीआई 60 लाख गांठ कॉटन की खरीद करेगा

आंध्र प्रदेश की मंडियों में कपास के दाम एमएसपी से भी नीचे
कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) अगले सितंबर को समाप्त होने वाले मौजूदा मार्केटिंग सीजन 2012-13 के दौरान करीब 60 लाख गांठ (प्रति गांठ 170 किलो) कपास की खरीद करेगा। देश के कुछ क्षेत्रों में कपास के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के कम चल रहे हैं।
सरकार के निर्देश पर कपास की खरीद करने वाली नोडल एजेंसी सीसीआई ने चालू सीजन के पहले तीन माह में 13 लाख गांठ कपास की खरीद की है। जनवरी के दौरान उसने 19 लाख गांठ और कपास खरीदने की योजना बनाई है।
कपड़ा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि चालू सीजन में सीसीआई कुल 60 लाख गांठ कपास की खरीद कर सकती है। इससे किसानों को राहत मिलेगी। खासकर आंध्र प्रदेश में किसानों को वित्तीय समर्थन मिलेगा क्योंकि वहां की मंडियों में कपास के दाम एमएसपी से कम हैं। सीसीआई को कपास बेचने का भी अभियान शुरू करने का निर्देश दिया गया है, ताकि खरीदे गए कपास का स्टॉक कम किया जा सके।
कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री (सिटी) के महासचिव डी. के. नायर ने कहा कि आंध्र प्रदेश में कपास के दाम एमएसपी से कम चल रहे हैं। लांग स्टेपल कपास का एमएसपी 3900 रुपये प्रति क्विंटल है। इस राज्य में बेमौसमी बारिश होने के कारण कपास की क्वालिटी प्रभावित हुई थी। सीसीआई बड़े पैमाने पर कपास की खरीद कर रही हैं।
पिछले तीन वर्षों के दौरान उसने खरीद नहीं की थी। वर्ष 2008-09 के दौरान उसने 90 लाख गांठ कपास की खरीद की थी। कॉटन एडवायजरी बोर्ड (सीएबी) के अनुसार इस साल देश में 334 लाख गांठ कपास का उत्पादन होने का अनुमान है जबकि पिछले साल 353 लाख गांठ कपास का उत्पादन हुआ था।







