चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान का चयन करने से पहले कुछ बातों की तस्दीक कर लें। जैसे- पॉलिसीधारक की मृत्यु के बाद सम एश्योर्ड मिलने के बावजूद पॉलिसी बिना प्रीमियम दिए जारी रहेगी या नहीं, अगर चाइल्ड प्लान यूनिट लिंक्ड है तो फंड विकल्प कितने हैं, प्लान पारंपरिक है या यूनिट लिंक्ड आदि। चाइल्ड यूलिप प्लान में हमेशा दीर्घावधि के नजरिये से निवेश करना ठीक रहेगा।
वैसे तो ज्यादातर अभिभावक, अन्य क्षेत्रों में कुछ समझौता करने के लिए तैयार रहते हैं लेकिन आमतौर पर अपने बच्चों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षा देने के मामले में बड़े दृढ़ निश्चयी होते हैं। अभिभावक के लिए बहुत आम बात है कि स्कूल के अंतिम दो वर्षों में वे कोचिंग या अच्छी पढ़ाई के लिए अपनी आर्थिक योजनाओं से समझौता कर लें जैसे रिटायरमेंट या कुछ और। वास्तविकता यह है कि बच्चे के भविष्य की योजना बना रहे हों तो सर्वश्रेष्ठ शिक्षा देना प्राथमिकताओं की सूची में सबसे ऊपर है।
बच्चों के लिए बचत करने के लिए अभिभावक वित्तीय उत्पादों पर विचार कर सकते हैं पर जो चीज सबसे ज्यादा पसंद की जाती है वो है जीवन बीमा।
बीमा से न सिर्फ
आपके बच्चे के भविष्य के लिए बचत होती है बल्कि इससे उस स्थिति में भी बच्चे का ख्याल रखना सुनिश्चित होता है जब आप अपने बच्चे की वित्तीय आवश्यकता पूरी करने के लिए इस दुनिया में न रहें। भविष्य में आर्थिक रूप से सक्षम होने के लिए बच्चे को जब शिक्षा की आवश्यकता होती है तो यह खासतौर से अच्छी तरह काम करता है।
आज के बदलते माहौल में लोगों का उत्साह बच्चों की बीमा योजनाओं के प्रति बढ़ रहा है। इस माहौल में अब चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान को जरूरी माना जाने लगा है पर आप निम्न बिंदुओं पर चलें- आपका ध्येय बच्चों को इंश्योरेंस देने के साथ उनके लिए पूंजी जुटाना भी हो। वह पूंजी बच्चों का भविष्य बनाने में-यानी उच्च शिक्षा आदि में काम आ सके। इसके अलावा अभिभावक की असामयिक मृत्यु की दशा में बच्चों का वित्तीय भविष्य मजबूत हो।
उपहार के तौर पर चाइल्ड इंश्योरेंस
आप चाइल्ड इंश्योरेंस उपहार के रूप में देना चाहते हैं तो भी आपका स्वागत है। कुछ कंपनियां अभिभावक के अलावा किसी अन्य नजदीकी रिश्तेदार को यह मंजूरी देती हैं कि वे बच्चे के भविष्य के लिए निवेश करें। लिहाजा दादा-दादी या नाना नानी, बड़े भाई, बहन-माता, पिता की ओर के, सिंगल प्रीमियम चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान उपहार में दे सकते हैं।
बीमा के लिए सिर्फ चाइल्ड प्लान पर ही न रहें निर्भर
बीमा सलाहकार चंचल वर्मा के अनुसार चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान काफी मंहगे होते हैं और इनका रिटर्न अपेक्षाकृत कम रहता है। पर बच्चों के सुखी भविष्य के लिए क्या महंगा और क्या सस्ता। इस समस्या से निजात पाने के लिए यदि आपको इसे लाभप्रद बनाना है तो आप परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी अलग से टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी ले डालें।
लुभावने विज्ञापन
इन दिनों बीमा कपंनियों का ध्यान चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान पर ज्यादा है। बीमा योजनाओं के विज्ञापनों में बच्चों का जमकर उपयोग हो रहा है। साथ ही पिछले कुछ सालों से चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान की लोकप्रियता भी बढ़ी है। बता दें कि कुछ बीमा कंपनियों की कुल बिक्री में चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान का हिस्सा 35 फीसदी तक है। लेकिन चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान का चयन करने से पहले कुछ बातों की तस्दीक कर लें। जैसे- पॉलिसीधारक की मृत्यु के बाद सम एश्योर्ड मिलने के बावजूद पॉलिसी बिना प्रीमियम दिए जारी रहेगी या नहीं, अगर चाइल्ड प्लान यूनिट लिंक्ड है तो फंड विकल्प कितने हैं, प्लान पारंपरिक है या यूनिट लिंक्ड आदि।
बच्चों के भविष्य हेतु
आज के माहौल के उतार-चढ़ाव को देखते हुए लोगों को अब अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी है। चंूकि माहौल में नकारात्मक बातें ही ज्यादा दिखती हैं। लिहाजा वे अपने बीमा सलाहकार/ फाइनेंशियल प्लानर से मिलकर अपने बच्चों के भविष्य के लिए बीमा पॉलिसियों में निवेश कर रहे हैं। ताकि उनके साथ किसी अनहोनी की दशा में बच्चों को आर्थिक मजबूती रहे। हालांकि, बच्चों के भविष्य के लिए सबसे अच्छा यह है कि टर्म इंश्योरेंस लेकर बच्चों की पढ़ाई और शादी जैसे वित्तीय लक्ष्यों के लिए परिसंपत्ति आवंटन की नीति के तहत इक्विटी म्यूचुअल फंडों और डेट के विभिन्न विकल्पों में अपनी जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार नियमित निवेश किया जाए। पर जो लोग अनुशासित तरीके से निवेश नहीं कर सकते हैं चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान के तहत वह नियमित रूप से कुछ न कुछ निवेश जरूर करते हैं।
दो तरह के चाइल्ड प्लान
फिलहाल जीवन बीमा बाजार में दो तरह के चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान उपलब्ध हैं और दोनों बीमा नियामक व विकास प्राधिकरण-इरडा के नए दिशा-निर्देशों से बेहतर हुए हैं। यूलिप चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान व परंपरागत बाल बीमा पॉलिसियां। परंपरागत बाल बीमा पॉलिसियां जहां निश्चित प्रतिफल देती हैं, इनमें सम एश्योर्ड मैच्योरिटी पर या फिर कुछ तय अंतराल पर मिलती है वहीं यूलिप चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान निवेश व लाइफ कवर दोनों देते हैं।
रिस्क कम
बीमा सलाहकार चंचल वर्मा का कहना है कि चाइल्ड इंश्योरेंस यूलिप प्लान दो तरह से काम करते हैं। पहले तरीके में बच्चे को बीमा कवर उसकी उम्र 7 साल होने पर दिया जाता है। जानकारों का कहना है कि इस माध्यम से किसी बच्चे का बीमा उसके जन्म के 90 दिनों के अंदर किया जा सकता है। यदि ऐसा किया जाए तो निवेश की अवधि लंबी होने के साथ जोखिम की संभावना भी कम हो जाएगी।
प्रस्तावक को भी बीमा सुरक्षा
हकीकत में आज बच्चों की बीमा योजनाएं एकदम सरल भी हो गई हैं। इन्हें लेना काफी सरल हो गया है। बच्चों के खेल की तरह। यूलिप चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान के दूसरे संस्करण में पॉलिसी प्रस्तावक को भी बीमा सुरक्षा का फायदा मिलता है। ज्यादातर योजनाएं ग्रैंड फादर को कवरेज नहीं देती फिर भी अभिभावक को बीमा सुरक्षा मिल जाती है।