Home » Karobar Jagat » Arth Jagat » Companies To Open New Bank Action

नए बैंक खोलने के लिए कंपनियां अब एक्शन में

बिजनेस भास्कर/प्रेट्र नई दिल्ली | Dec 20, 2012, 00:47AM IST
नए बैंक खोलने के लिए कंपनियां अब एक्शन में

बिल का असर
लोकसभा में बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2011 के परित हो जाने से कंपनियां उत्साहित

कौन-कौन एक्टिव
*    रिलायंस कैपिटल
*    लार्सन एंड टुब्रो
*    आदित्य बिड़ला ग्रुप
*    रेलिगेयर ग्रुप
*    श्रीराम ग्रुप
*    श्रेई इक्विपमेंट फाइनेंस

ग्राहकों को भी फायदा - बाजार में नए बैंक खोले जाने से ग्राहकों को भी बेहतर सुविधाएं चुनने का मिलेगा विकल्प

आने वाले समय में आपको कई नए बैंकों में अपना एकाउंट खुलवाने का मौका मिल सकता है। लोकसभा में बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2011 के परित हो जाने के साथ ही इसके आसार बढ़ गए हैं। दरअसल, बैंकिंग सेक्टर में उतरने की इच्छुक कई कंपनियों ने इस दिशा में अपनी सक्रियता अब बढ़ा दी है। इनमें अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप की कंपनी रिलायंस कैपिटल, लार्सन एंड टुब्रो, रेलिगेयर गु्रप और श्रीराम ग्रुप भी शामिल हैं।


गौरतलब है, भारतीय रिजर्व बैंक पिछले कुछ समय से इस बात पर जोर डाल रहा था कि सरकार पहले बैंकिंग कानूनों में संशोधन सुनिश्चित करे, फिर इसके बाद ही वह नए बैंक लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। अब चूंकि बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है, इसलिए आरबीआई की ओर से भी इस दिशा में अपनी सक्रियता बढ़ाया जाना तय है।


इस बीच, रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के प्रमुख सच्चिन्द्र नाथ ने लोकसभा में इस विधेयक के पारित होने का स्वागत करते हुए कहा है कि अब हमें बैंकिंग कानून संशोधन बिल के राज्यसभा में पारित होने और फिर उसके बाद इस बारे में आरबीआई द्वारा अंतिम दिशा-निर्देश जारी किए जाने का इंतजार है।


एलएंडटी फाइनेंस होल्डिंग के प्रेसिडेंट एवं निदेशक एन. शिवरमन ने बताया कि उनकी कंपनी का मकसद व्यापक स्तर पर वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराना है और बैंकिंग संशोधन विधेयक इसे पूरा करने में मददगार साबित होगा। हम अब भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से अंतिम दिशा-निर्देश जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। हम दिशा-निर्देशों की समीक्षा करने के बाद इस पर फैसला करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि बैंकिंग लाइसेंस मिलने से हम ग्राहकों को सभी प्रकार के उत्पाद एवं सेवाएं मुहैया कराने में सक्षम होंगे।


शिवरमन ने बताया कि सार्वजनिक बैंकों में निजी निवेशकों की वोटिंग हिस्सेदारी बढऩे से गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के अलावा ग्राहकों को भी फायदा होगा। बाजार में नए बैंक खोले जाने से ग्राहकों को भी बेहतर सुविधाएं चुनने का विकल्प मिलेगा। इतना ही नहीं, कंपनियों के बीच भी बेहतर सुविधाएं और नए उत्पाद पेश करने की होड़ लगेगी।
वहीं, आदित्य बिड़ला ग्रुप के सीईओ अजय श्रीनिवासन ने बताया कि हम बैंकिंग संशोधन विधेयक का स्वागत करते हैं और यह भी मानते हैं कि इस विधेयक से वित्तीय समावेश की स्थिति मजबूत होगी।


यह विधेयक बैंकिंग प्रणाली खासकर गैर वित्तीय संस्थानों के लिए सकारात्मक कदम है। आरबीआई के दिशा-निर्देश आने के बाद हम लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। श्रेई इक्विपमेंट फाइनेंस लि. के वाइस प्रेसिडेंट रमन अग्रवाल ने बताया कि लोकसभा में बैंकिंग विधेयक पारित होना वित्तीय संस्थानों के लिए एक सकारात्मक खबर है। बैंक लाइसेंस हासिल करने के लिए कंपनी आने वाले कुछ दिनों में प्रबंधन के साथ विचार-विमर्श करेगी। बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक मंगलवार को लोकसभा में पारित हुआ।


इसे भारतीय बैंकिंग सेक्टर में एक अत्यंत महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है। इस विधेयक के राज्यसभा में भी पारित होते ही भारतीय बैंकिंग सेक्टर में विदेशी निवेश का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। इसी तरह देश में नए प्राइवेट बैंक खुलने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में निजी निवेशकों के वोटिंग अधिकार मौजूदा 1 फीसदी से बढ़कर अधिकतम 10 फीसदी के स्तर पर पहुंच जाएंगे।

आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
1 + 4

 
विज्ञापन
 

मार्केट

Ethical voting

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

स्पोर्ट्स

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment