विज्ञापन
 
Home >> Auto-Gadget >> Auto >> News >> डीलरों की आस

डीलरों की आस

बिजनेस भास्कर नई दिल्ली | Dec 15, 2012, 01:48AM IST
 
 


नए साल में ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा और कारों की बिक्री सुधरेगी


लुधियाना। वर्ष 2012 में कार बिक्री में आई भारी कमी से परेशान कार डीलरों को नए साल में कार बिक्री में सुधार आने की पूरी उम्मीद है।


उनका कहना है कि जिस हिसाब से सरकार आर्थिक सुधारों के लिए कदम उठा रही है, उससे जल्द ही भारत में आर्थिक सुस्ती के बादल छंट जाएंगे और अमेरिका व यूरोप के वित्तीय संकट में भी कुछ सुधार जरूर आएगा, जिससे उपभोक्ताओं का विश्वास जागेगा और सब कुछ ठीक हो जाएगा।


लुधियाना में मारुति के डीलर लिब्रा ऑटो प्राइवेट लिमिटेड के बिजनेस हैड रविंदर गुप्ता के मुताबिक कमजोर बाजार में ग्राहकों को रिझाने के लिए मारुति ने अपने नए आर्टिगा और रिट्ज के डीजल मॉडलों पर भी कस्टमर ऑफर और एक्सचेंज ऑफर पेश किए हैं। इससे साल के अंतिम महीने में जरूर हमें अच्छी बिक्री की उम्मीद है।


उन्होंने बताया कि आर्टिगा पर १० हजार रुपये कस्टमर ऑफर और १५००० रुपये एक्सचेंज ऑफर है, जबकि रिट्ज पर १५००० कस्टमर ऑफर और २५००० रुपये एक्सचेंज ऑफर है। इनके अलावा पेट्रोल वेरिएंट पर तो सभी मॉडलों पर २० हजार से ५० हजार रुपये के ऑफर चल रहे हैं। गुप्ता के मुताबिक नया साल हमारे लिए काफी उम्मीदों भरा होगा। हमें लगता है कि इस साल की तुलना में नया साल काफी बेहतर रहेगा।


टाटा गैरीसन मोटर्स के सीनियर मैनेजर परमजीत सिंह के मुताबिक एंड ऑफ ईयर ऑफर के तौर पर टाटा ने अपनी सभी गाडिय़ों पर ५० से ६० हजार रुपये का ऑफर पेश किया है, यह ऑफर 31 दिसंबर तक लागू रहेगा। सिंह के मुताबिक इन ऑफर्स की वजह से कुछ ग्राहक आने लगे हैं। अगले हफ्ते तक इनकी संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है। सिंह ने बताया कि नए साल में पुराना स्टॉक लगभग खत्म हो जाएगा और ग्राहक भी परिस्थितियों के हिसाब से सामंजस्य बना लेंगे, ऐसे में एक बार फिर बाजार में बूम आने की पूरी उम्मीद है।


बैंकों के ब्याज दर पर निर्भर होगी कारों की बिक्री
रायपुर। २०१२ में मंदी के लंबे दौर से गुजरे ऑटोमोबाइल सेक्टर ने नए साल के साथ नई उम्मीदें बांध ली हैं। लेकिन इन उम्मीदों के सच होने का दारोमदार बाजार की स्थिति और कार लोन की ब्याज दरों पर ही रहेगा। कोरबा स्थित आजाद ऑटो के डायरेक्टर विकास यादव ने बताया कि २०१२ का साल ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए काफी खराब गुजरा है। हालांकि साल के अंत में त्योहारी सीजन ने बिक्री को बढ़ावा दिया। लेकिन २०१३ में सेल को लेकर अभी से संशय बन रहा है।


कार कंपनियां जनवरी से एक बार फिर दाम बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। ऐसे में बैंक ब्याज दरें गिराकर यदि कुछ राहत दें, तभी अगले साल की पहली तिमाही तक हालात कुछ बेहतर हो सकते हैं। हालांकि इन्वेंट्री समाप्त करने के लिए कंपनी द्वारा पेश की गई कुछ योजनाएं भी काफी मददगार हो सकती हैं। रायपुर के शिवनाथ हुंडई के जनरल मैनेजर रोहित काले मानते हैं कि सिर्फ कैलेंडर बदलने से बाजार के हालात सुधरने वाले नहीं हैं। अभी भी बाजार की स्थितियां काफी कमजोर हैं।


ईंधन के दाम बढऩे से कारों की बिक्री पर असर पड़ा है। इसका असर त्योहारों पर भी दिखाई दिया। कंपनियां डीलर्स पर अधिक कारें खरीदने का दबाव बना रही हैं। ऐसे में डीलर्स के पास इन्वेंट्री बढ़ती जा रही हैं। वहीं सेल्स को बढ़ाने की भी अधिक जिम्मेदारी डीलर्स के कंधों पर आ पड़ी है। ऐसे में डीलर्स का मार्जिन भी पहले के मुकाबले काफी घट गया है। ऐसे में डीलर्स द्वारा सेल्स प्रमोशन की संभावना भी काफी कम हो गई है। बिक्री बढ़ाने के लिए कंपनी की योजनाओं की ही मदद ली जाएगी।

 
 
 

आपके विचार
 
 
कोड:
7 + 6

 
Ad Link
विज्ञापन
 

मार्केट

 
 
 
Job Alerts
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment