विज्ञापन
 
 
 
 

कर बचत के साथ ईएलएसएस से पाइए अच्छा रिटर्न

 
Source: बिजनेस भास्कर नई द   |   Last Updated 00:16(18/01/12)
 
 
 

इन दिनों आपके नियोक्ता आपसे कर बचत संबंधी कागजात मांग रहे होंगे ताकि आपके वेतन से स्रोत पर कर कटौती न हो। ऐसे में कर्मचारी भी कर बचत के लिए उपलब्ध विभिन्न विकल्पों का सहारा लेते हुए आयकर में बचत की योजना बना रहे हैं।


आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत आयकर में बचत के लिए एक लाख रुपये की सीमा तक जीवन बीमा योजना, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), एंप्लाइ प्रोविडेंट फंड, इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस), टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट, एनपीएस आदि में निवेश किया जा सकता है। यह सब बचत से जुड़ी योजनाएं हैं और लोग इनका सहारा सबसे पहले लेते हैं। रिटर्न के नजरिये से देखें तो ईएलएसएस का प्रदर्शन लंबी समयावधि में सबसे अच्छा रहा है।


कर बचत के लिए निवेश का यह विकल्प जोखिम उठाने वाले निवेशकों के लिए है। मुंबई स्थित ट्रांसेंड कंसल्टिंग इंडिया प्रा. लिमिटेड के संस्थापक, निदेशक और सर्टिफायड फाइनेंशियल प्लानर कार्तिक झावेरी कहते हैं कि ईएलएसएस शेयरों में निवेश करते हैं इसलिए इनमें जोखिम है। जोखिम न उठाने वाले निवेशक ऋण विकल्पों जैसे पीपीएफ, एनपीएस आदि का सहारा ले सकते हैं।


क्या हो ईएलएसएस में निवेश की न्यूनतम अवधि आयकर में बचत के जितने भी विकल्प उपलब्ध हैं उनमें सबसे कम, तीन साल की, लॉक-इन अवधि ईएलएसएस की है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि इसमें सिर्फ तीन साल के लिए निवेश किया जाए। झावेरी कहते हैं कि इक्विटी फंडों में कम से कम पांच साल के नजरिये से निवेश करना चाहिए। पांच साल में आम तौर पर बाजार का एक चक्र पूरा हो जाता है।


कैसे चुनें अच्छे ईएलएसएस फंड?
ईएलएसएस की श्रेणी में 40 से अधिक फंड हैं। निवेश के लिए उन फंडों का चयन किया जाना चाहिए जिनका ट्रैक रिकॉर्ड बेहतर रहा है। चेन्नई स्थित वेल्थ इंडिया फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और फंड्सइंडिया डॉट कॉम के निदेशक श्रीकांत मीनाक्षी कहते हैं कि बाजार के उतार-चढ़ाव या विभिन्न चक्रों से गुजरने के बाद जिन फंडों का रिटर्न बेहतर रहा है उनका चयन निवेश के लिए किया जा सकता है।


कर-बचत के इस सीजन में अधिकांश ईएलएसएस भारी-भरकम लाभांश की घोषणा करते हैं, निवेशकों को इसका लालच नहीं करना चाहिए और ग्रोथ विकल्प का चयन करना चाहिए। मीनाक्षी के अनुसार प्रत्येक निवेशक के पोर्टफोलियो में अधिकतम दो टैक्स सेवर फंड शामिल किए जाने चाहिए।
आम तौर पर ईएलएसएस के रिटर्न डिविडेंड से प्राप्त होते हैं और इसीलिए कर-मुक्त होते हैं। लांग टर्म गेन पर टैक्स नहीं लगता इसलिए पूंजीगत लाभ भी कर-मुक्त होता है।


कैसे करें ईएलएसएस में निवेश?
ईएलएसएस में निवेश करने के कई विकल्प हैं। पहला और पारंपरिक जरिया है म्यूचुअल फंड एजेंट। इसके अलावा डीमैट खाताधारक सीधे भी इनकी खरीदारी कर सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न एसेट मैनेजमेंट कंपनियां अपनी वेबसाइट के माध्यम से फंडों में निवेश की सुविधा उपलब्ध कराती हैं। कुछ वेबसाइट जैसे फंड्सइंडिया डॉट कॉम के जरिये भी ईएलएसएस फंडों में निवेश किया जा सकता है। पर निवेश से पहले नो योर कस्टमर की औपचारिकता पूरी करवाना न भूलें।

 
 
 
 
 
 
 
 
आपके विचार

 
 
कोड :
7 + 6

 

 
 
 

बड़ी खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

रोचक खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

बॉलीवुड

 
 
 
 
 
 
 
 
 

जीवन मंत्र

 
 
 
 
 
 
 
 
 

क्रिकेट

 
 
 
 
 
 
 
 
 

जोक्स

 
 
 
 
 
 
 
 
 

पसंदीदा खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

फोटोगैलरी

Most Viewed

Amazing Body Paintings
Controversies that rocked B-town
Just Added

करियर कॉलेज में फेयरवेल पार्टी के दौरान स्टूडेंट्स ने बिखेरे रंग
Bollywood Stars at Cannes
 
 
 
विज्ञापन
 
 
| Email  Print Comment
| Email  Print Comment