हाल के दिनों में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की कुछ यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। एलआईसी की दो योजनाओं, मनी प्लस-1 और मार्केट प्लस-1 के रिटर्न पिछले दो वर्षों में आकर्षक रहे हैं। मनी प्लस-1 ने ग्रोथ फंड के तहत दो साल में लगभग 48 प्रतिशत का रिटर्न (एनएवी के प्रदर्शन के अनुसार) दिया है तो इस दौरान बैलेंस्ड फंड ने लगभग 55 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। मार्केट प्लस-1 ने भी पॉलिसीधारकों को बाजार के उतार-चढ़ाव के दौरान रिटर्न के मामले में निराश नहीं किया है। इसके ग्रोथ फंड ने दो साल में लगभग 48 प्रतिशत और बैलेंस्ड फंड ने 32 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। जिन निवेशकों ने इन पॉलिसियों के लॉन्च होने के समय खरीदारी की थी उन्हें बेहतर रिटर्न मिला है।
जयपुर स्थित आर्क फाइनैंशिल प्लानर के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर हेमंत बेनीवाल कहते हैं, बीमा और निवेश को हमेशा अलग रखना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति ने यूलिप में निवेश किया है तो उसे कम से कम 10 से 15 वर्षों तक नियमित रूप से प्रीमियम देना चाहिए। इसकी वजह है कि पुराने यूलिप के तहत शुरुआती वर्षों में प्रीमियम का एक बड़ा हिस्सा प्रीमियम आवंटन शुल्क आदि के रूप में पॉलिसीधारकों से वसूला जाता रहा। बाद के वर्षों में प्रीमियम के ज्यादातर हिस्से का निवेश किया जाता था।
दो साल की अवधि में अगर एनएवी के अनुसार, प्वाइंट टू प्वाइंट रिटर्न (एनएवी के अनुसार) की बात करें तो अवीवा लाइफ ने लाइफ बॉन्ड-5 के ग्रोथ फंड के तहत लगभग 22 प्रतिशत और बैलेंस्ड फंड के तहत 20.5 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। इसी तरह मैक्स न्यूयॉर्क लाइफ की कैपिटल बिल्डर पॉलिसी के हाई ग्रोथ फंड ने दो साल में 25.72 प्रतिशत और बैलेंस्ड फंड ने 24.34 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। कोटक महिंद्रा लाइफ के एग्रेसिव ग्रोथ फंड के तहत दो साल में रिटर्न 15.1 प्रतिशत और डायनामिक बैलेंस्ड फंड के तहत रिटर्न 9.8 प्रतिशत रहा है।
बेनीवाल कहते हैं कि पॉलिसी की कीमत आवंटित किए गए यूनिट और एनएवी के मूल्य को गुणा कर प्राप्त किया जा सकता है। एलआईसी के यूलिप के शुरुआती शुल्क अपेक्षाकृत कम हैं। पॉलिसीधारक अगर अपनी पॉलिसी अवधि तक नियमित प्रीमियम देते रहें तो परिपक्वता पर उन्हें बेहतर रिटर्न मिल सकता है। पॉलिसीबाजार डॉट कॉम के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर यशीष दहिया कहते हैं कि एलआईसी के मनी प्लस-1 और मार्केट प्लस-1 के प्रीमियम अलोकेशन चार्जेज और अन्य शुल्क अपेक्षाकृत कम हैं। लॉन्च होने की तारीख से मिले रिटर्न को देखते हुए उम्मीद की जा सकती है कि परिपक्वता पर बेहतर रिटर्न मिलेगा।