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विदेश में दाम घटने से गेहूं निर्यात अटकने का अंदेशा

आर एस राणा नई दिल्ली | Jan 04, 2013, 01:56AM IST
विदेश में दाम घटने से गेहूं निर्यात अटकने का अंदेशा

मुश्किल राह
आगामी दिनों में बिड भाव एमईपी से नीचे आने की आशंका
सरकार ने एमईपी 300 डॉलर प्रति टन तय कर रखा है
ऑस्ट्रेलिया व अमेरिका से ज्यादा गेहूं बाजार में आने का अनुमान
यूक्रेन में भी गेहूं की फसल के अनुकुल है मौजूदा मौसम
इससे गेहूं का उत्पादन ज्यादा रहने की संभावना

एमईपी से कम भाव पर गेहूं टेंडर की बिड मिली तो निर्यात अटक जाएगा


अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले एक पखवाड़े में गेहूं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। विदेशी बाजार में गेहूं के दाम घटने से निर्यात पर असर पडऩे की आशंका होने लगी है। शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (सीबॉट) में गेहूं के दाम पिछले पंद्रह दिनों में 310 डॉलर से घटकर 277 डॉलर प्रति टन रह गए है। केंद्र सरकार ने अतिरिक्त 25 लाख टन गेहूं निर्यात के लिए न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) 300 डॉलर प्रति टन तय किया है।


सार्वजनिक कंपनियों द्वारा गेहूं निर्यात के लिए मांगी जा रही निविदा में पिछले दस-बारह दिनों में 10 डॉलर प्रति टन की गिरावट आई है। विदेशी गिरावट को देखते हुए गेहूं निर्यात के लिए निविदा में भाव 300 डॉलर प्रति टन से भी नीचे आने की आशंका है।


खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हाल ही में केंद्रीय पूल से अतिरिक्त 25 लाख टन गेहूं के निर्यात की जो अनुमति दी गई है उसके लिए एमईपी 300 डॉलर प्रति टन तय किया गया है। इससे पहले 20 लाख टन गेहूं के निर्यात की अनुमति दी गई थी। उसके लिए एमईपी 228 डॉलर प्रति टन था। सार्वजनिक कंपनियां अभी तक केंद्रीय पूल से 20 लाख टन गेहूं के निर्यात सौदे कर चुकी है तथा 13.60 लाख टन की शिपमेंट भी चुकी है।


सार्वजनिक कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में गेहूं की कीमतों में गिरावट आई है, जिसका असर सीबॉट में इसके दाम पर पड़ा है। सीबॉट में गेहूं के दाम घटकर 277 डॉलर प्रति टन रह गए। रूस और यूक्रेन में मौसम अभी गेहूं की फसल के प्रतिकूल है लेकिन इन देशों में एक-दो बारिश हो गई तो सीबॉट में गेहूं के दाम और भी घटने का अनुमान है। सार्वजनिक कंपनी पीईसी को शुक्रवार को गेहूं निर्यात के लिए 318 डॉलर प्रति टन की निविदा प्राप्त हुई जबकि इससे पहले एसटीसी को 328 डॉलर प्रति टन की ऊंची बोली मिली थी।


एग्री कमोडिटी विश्लेषक अभय लाखवान ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में गेहूं के दाम घटकर 299 डॉलर और अमेरिका में 319 डॉलर प्रति टन (एफओबी) रह गए। ऑस्ट्रेलिया में गेहूं की कटाई समाप्त हो चुकी है तथा कुल पैदावार 210-220 लाख टन होने का अनुमान है जबकि करीब 40 लाख टन का बकाया स्टॉक बचा है ऐसे में 180-190 लाख टन गेहूं निर्यात के लिए उपलब्ध है।


उधर अमेरिका में कटाई चल रही है तथा पैदावार 540-545 लाख टन होने का अनुमान है। अमेरिका के पास भी 280-300 लाख टन गेहूं निर्यात के लिए उपलब्ध है।  दूसरी ओर देश में केंद्रीय पूल में पहली दिसंबर को 376.52 लाख टन गेहूं का बंपर स्टॉक मौजूद था, जो तय बफर मानकों के मुकाबले कई गुना है। पहली अप्रैल से गेहूं की नई फसल की आवक शुरू हो जाएगी। इसलिए सरकार पर केंद्रीय पूल से स्टॉक हल्का करने का दबाव भी है।

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