घरेलू मांग सुधरने से मेंथा तेल मजबूत
घरेलू बाजार में मांग सुधरने के कारण मेंथा तेल की कीमतों में तेजी आने की संभावना है। कारोबारियों के मुताबिक मंडियों में फार्मा कंपनियों की ओर से मेंथा तेल की मजबूत मांग के साथ निर्यातकों की पूछपरख के कारण कीमतों में तेजी आने की संभावना है। सर्दी में सीजनल मांग के कारण भी भावों में तेजी को बल मिल सकता है।
पिछले पंद्रह दिन में हाजिर बाजार में मेंथा तेल के भाव में 30-90 रुपये प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई है। दिल्ली केमिकल मार्केट में इसका भाव 1,580 रुपये से बढ़कर 1,610-1670 रुपये प्रति किलो हो गया। उत्तर प्रदेश की प्रमुख उत्पादक मंडी चंदौसी में भी हाजिर भाव 1,550 रुपये से बढ़कर 1,637 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गए।
मेंथा तेल के थोक कारोबारी धर्मेंद्र कुमार के मुताबिक आगामी कुछ दिनों तक मेंथा तेल में तेजी का रुख जारी रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि सर्दी के सीजन में मेंथा तेल की मांग में तेजी देखने को मिलती है। चालू सीजन में कम भावों पर मेंथा तेल की मांग में अधिक तेजी दर्ज की जा रही है। इससे कीमतों में उछाल आने लगा है।
उन्होंने बताया कि किसानों की ओर से सप्लाई कम किए जाने से इन दिनों मेंथा तेल की आवक भी कम हो रही है। चंदौसी में प्रतिदिन 100-200 ड्रम (प्रति ड्रम 180 किलो) की आवक दर्ज की जा रही है। दूसरी ओर उत्पादन बेहतर रहने की संभावना से कीमतों में ज्यादा उछाल नहीं आने के संकेत हैं। उत्पादन बढऩे के दबाव से कीमतों में सीमित उछाल देखने को मिलेगा।
रेलिगेयर कमोडिटीज के वरिष्ठ प्रबंधक प्रसून माथुर के मुताबिक बेहतर उत्पादन के कारण मेंथा तेल की कीमतों पर दबाव दर्ज किया जा सकता है। चालू सीजन में करीब 50,000 टन मेंथा तेल के उत्पादन का अनुमान है जबकि पिछले साल 38,000 टन मेंथा तेल का उत्पादन किया गया था। कर्वी कॉमट्रेड की विश्लेषक शिखा मित्तल ने बताया कि मंडियों में स्टॉक ज्यादा रहने के कारण भी कीमतों पर दबाव रह सकता है।









