उत्पादन घटने की संभावना से धनिया में तेजी

नई फसल आने पर भाव 30-40 फीसदी ऊपर खुलने का अनुमान
रबी सीजन के दौरान देश में उत्पादन कम बैठने के अनुमान से अभी से ही धनिया के भावों में मजबूती का रुख बन गया है। धनिया में यह तेजी का दौर अगले महीने नई फसल की आवक के बाद ही थमने की संभावना है।
लेकिन नई फसल के भाव भी इस साल पिछले साल के मुकाबले 30-35 फीसदी ऊपर खुलने की उम्मीद की जा रही है। उल्लेखनीय है कि रबी सीजन में बुवाई कम होने से पिछले एक महीने के दौरान धनिया के भावों में 30 से 40 फीसदी की तेजी आ चुकी है। इससे बाजार में धनिया के भावों में तेजी की धारणा मजबूत हुई है।
राजस्थान के थोक व्यापारियों का कहना है कि अमूमन देश में हर साल एक करोड़ बोरी (प्रति बोरी 40 किलो) धनिया की पैदावार होती है। लेकिन इस साल यह पैदावार घटकर 50 लाख बोरी रह सकती है। खासकर गुजरात में रबी सीजन के दौरान धनिया की पैदावार में भारी गिरावट की आशंका व्यक्त की जा रही है। प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान व मध्य प्रदेश में भी उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 50 से 70 फीसदी बैठने की उम्मीद की जा रही है।
देश के अन्य उत्पादक राज्यों में धनिया की पैदावार घटने का अनुमान है। इसके चलते रबी सीजन 2012-13 के दौरान धनिया की पैदावार में 40 से 50 फीसदी की गिरावट का प्रारंभिक अनुमान है। इससे फरवरी के मध्य में नई फसल की आवक के समय धनिया के भाव 4000 रुपये क्विंटल से ऊपर खुलने की संभावना व्यक्त की जा रही है, जबकि पिछले साल नई फसल के भाव 3200 से 3300 रुपये क्विंटल पर खुले थे, जो बाद में 2800 रुपये क्विंटल तक उतर गए थे।
कृषि निदेशालय के मुताबिक पिछले रबी सीजन में राजस्थान में 2.78 लाख हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धनिया की बुवाई हुई थी। इससे धनिया का उत्पादन भी बढ़कर 7.5 लाख टन के करीब पहुंच गया था। लेकिन भाव कम मिलने से इस बार किसानों ने धनिया की बजाय गेहूं व सरसों की बुवाई पर ज्यादा ध्यान दिया है। इससे धनिया का रकबा और पैदावार दोनों में कमी की आशंका है।
कोटा के थोक व्यापारी मुकेश भाटिया का कहना है कि राजस्थान समेत सभी उत्पादक राज्यों में रकबा घटने से पिछले एक महीने से धनिये में तेजी का रुख बना हुआ है। इस वजह से एक महीने में धनिया करीब 1500 रुपये क्विंटल महंगा होकर लूज में 4500 से 5000 रुपये क्विंटल हो गया है। मौजूदा हालत को देखते हुए मई तक धनिया के भाव 7000-8000 रुपये क्विंटल का स्तर बना सकते हैं।
नई फसल की आवक के समय धनिया के भावों पर थोड़ा दबाव बनेगा। इसके बावजूद लूज में धनिया के भाव 4000 रुपये क्विंटल से नीचे उतरने की उम्मीद कम है। वहीं कोटा के ही एक अन्य व्यापारी सुभाष भटनागर का कहना है कि इस साल देश में धनिया का कैरी फॉरवर्ड स्टॉक 20 लाख बोरी के आसपास रहने की संभावना है।
वहीं 50 लाख बोरी का भी उत्पादन मानते हैं, तो देश में नए सीजन में धनिया की उपलब्धता करीब 70 लाख बोरी होगी। जबकि देश में सालाना 50 से 60 लाख बोरी की घरेलू खपत और करीब दस लाख बोरी की निर्यात मांग होती है। इस लिहाज से घरेलू व निर्यात मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक होगा।







