कर्ज के दलदल से उबार सकती है सही प्लानिंग

कर्ज की जरूरत किसी न किसी मोड़ पर हर व्यक्ति को होती है, लेकिन कर्ज इतना अधिक भी न हो कि उसके बोझ तले दबते चलें जाएं। अगर कोई व्यक्ति कर्ज के दलदल में फंड चुका है तो उचित प्लानिंग के जरिए इससे निकल सकता है
कविता और रवि एक छोटा कारोबार शुरू करना चाहते हैं। यह उनका दीर्घकालिक सपना है। दोनों ही व्यक्ति अच्छी कॉरपोरेट नौकरी कर रहे हैं और उनका वेतन भी ज्यादा है, पर लंबे समय में कारोबार शुरू करना ही उनका सपना है।
उनके पास एक अच्छा बिजनेस प्लान है जिसके लिए उन्होंने कई लोगो से संपर्क किया जो फंडिंग के लिए भी तैयार हो गए। इसमें दिक्कत यह है कि किसी वजह से वे अपनी नौकरियां नहीं छोड़ पा रहें। इससे उन्हें झुंझलाहट भी हो रही है।
उन्होंने अपने एक फाइनेंशियल प्लानर मित्र से बात की और इस समस्या के बारे में बताया। बातचीत में पता चला कि उनके ऊपर चार से पांच अलग-अलग तरह के लोन हैं जिसका भुगतान उन्हें करना है। वे अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करने को तैयार हैं पर वे इस बात पर आश्वस्त नहीं हैं कि कारोबार से उन्हें शुरुआत में किसी तरह का मुनाफा होगा।
ऐसे में वे ईएमआई का भुगतान कैसे करेंगे। लोन के भुगतान का डर उन्हें अपना सपना पूरा करने से रोक रहा था। वे सर्टिफाइड प्लानर की मदद से अपने लोन से जल्द से जल्द बाहर निकलना चाहते थे। इसके लिए पांच साल में उन्होंनें जीरो लोन का लक्ष्य रखा। नीचे लोन की एक लिस्ट दी गई है। उनके ऊपर कुल पांच लोन थे।
अलग-अलग तरह के कर्ज
होम लोन : 20,00,000 लाख रुपये, बकाया-15.5 लाख रुपये, ईएमआई-18,500 रुपये, ब्याज दर 9.5 फीसदी, बकाया अवधि 12 साल
क्रेडिट कार्ड (रवि) : 75,000 रुपये, हर महीने मिनिमम बैलेंस का भुगतान
कार लोन (रवि) : 2.5 लाख रुपये, बकाया-1.5 लाख रुपये, ईएमआई-6,500 रुपये, बकाया अवधि- दो साल
क्रेडिट कार्ड (कविता) : 35,000 रुपये, हर महीने मिनिमम बैलेंस का भुगतान
पर्सनल लोन (कविता) : एक लाख रुपये, बकाया-65,000 रुपये, ईएमआई 2,750 रुपये, बकाया अवधि-23 महीने
तो उन्हें करीब 18.75 लाख रुपये कर्ज के तौर पर चुकाने हैं। साथ ही अपने लोन के भुगतान के लिए वे हर महीने 32,500 रुपये का भुगतान कर रहे है। शेड्यूल को देखते हुए उन्हें इस लोन के निकलने में करीब 11 साल का वक्त लगेगा।
पांच साल में जीरो लोन का लक्ष्य
दोनों में से प्रत्येक को सालाना 25,000 रुपये का बोनस मिलता है और वे सोच रहे थे कि इसका निवेश किया जाए या फिर इससे लोन का भुगतान किया जाए। इनके पास एक छोटा सा आपातकालीन फंड भी है जो वे लंबे समय की जरूरतों के लिए तैयार कर रहे हैं। इसके लिए प्रति माह 10,000 रुपये की बचत की जा रही है। इस साल होने वाली वेतन बढ़ोतरी से वे लोन के भुगतान में 5,000 रुपये की बढ़ोतरी करेंगे।
फिलहाल इस आपातकालीन फंड का कहीं इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है और लंबी अवधि की जरूरतों के लिए 10,000 रुपये कि बचत भी जरूरी है। तो क्या ऐसे में लोन के लिए किए जा रहे 37,500 के भुगतान के लिए 50,000 रुपये की एकमुश्त राशि दी जा सकती है। इससे लोन का बोझ कम करने में मदद मिलेगी?
सबसे पहले चुकाएं महंगा लोन
उन्हें सबसे महंगे लोन से शुरुआत करनी चाहिए। इसमें दो क्रेडिट कार्ड लोन और एक कार लोन है। अगर ये दोनों केवल मिनिमम बैलेंस का भुगतान करेंगे तो इसमें पांच साल का वक्त लगेगा।
इस पर उन्हें प्रतिमाह करीब 2.99 फीसदी (36 फीसदी सालाना) का ब्याज भुगतान करना होगा। तो ऐसे में 50,000 रुपये के बोनस से सबसे पहले क्रेडिट कार्ड का भुगतान करना चाहिए। रवि के कार्ड पर क्रेडिट कार्ड पर अब केवल 25,000 रुपये का बकाया है और कविता के कार्ड पर 35,000 रुपये का। पिछले महीने तक रवि इसके लिए 3,500 रुपये का भुगतान कर रहे थे। अब उन्हें कार्ड के बकाए के भुगतान की राशि 5,000 रुपये से बढ़ानी होगी। इससे वह 8500 रुपये का भुगतान करेंगे और अगले तीन महीने में भुगतान पूरा हो जाएगा।
अब कविता के कार्ड पर आते हैं। वह अपने क्रेडिट कार्ड के लिए प्रतिमाह केवल 1,500 रुपये का भुगतान कर रही हैं। तो अभी तक रवि के कार्ड का भुगतान करने के लिए 8,500 रुपये की जिस राशि का भुगतान किया जा रहा उसे इस 1,500 रुपये की राशि में जोड़ा जा सकता है। इससे कविता के कार्ड के लिए 10,000 रुपये का भुगतान किया जा सकता है। इससे क्रेडिट कार्ड लोन चार महीने में पूरा हो जाएगा।
कम होने लगेगा कर्ज का बोझ
तो अगले सात महीने में दो लोन खत्म हो जाएंगे और 10,000 रुपये के अतिरिक्त कैश फ्लो के साथ दूसरे सबसे बड़े लोन का लक्ष्य रखा जा सकता है। इसमें सबसे महंगा पर्सनल लोन है। अब लोन का भुगतान 47,000 रुपये ही बचेगा।
अतिरिक्त 10,000 रुपये को चार महीने बैंक में बचाया जा सकता है और चार महीने में इसका पूरा भुगतान किया जा सकता है। तो इसके बाद लोन भुगतान करने के लिए बची हुई राशि-10,000+2750= 12,750 रुपये। प्रोजेक्ट शुरू किए हुए 11 महीने का वक्त बीत चुका है।
अगला लक्ष्य : कार लोन। प्रोजेक्ट शुरू करने के करीब 11 महीने बाद बकाया एक लाख रुपये। इस लोन के लिए पहले से ही 6,500 रुपये का भुगतान किया जा रहा है। बैंक में 12,500 रुपये का रैकरिंग डिपॉजिट कराना चाहिए। छह महीने के आखिर में 75,000 रुपये की मैच्योरिटी राशि का इस्तेमाल कार लोन का पूरा भुगतान करने के लिए किया जा सकता है। अब लोन का भुगतान करने के लिए उपलब्ध राशि है- 12,500+6,500=19,000 रुपये। प्रोजेक्ट को शुरू किए हुए 1 साल और पांच महीने का वक्त बीच चुका है।
अंतिम लक्ष्य : होम लोन। उन्हें होम लोन लिये हुए 10 साल का वक्त बीत चुका है। इसकी मौजूदा बकाया राशि है-14.7 लाख रुपये। रवि और कविता को होम लोन कंपनी से संपर्क करना चाहिए और ईएमआई को 19,000 रुपये से बढ़ाने की इच्छा जाहिर करनी चाहिए। यह फिलहाल 18,500 रुपये है और बढ़कर 37,500 रुपये हो जाएगी। ज्यादातर बैंक इसके लिए मान जाएंगे। इस नई ईएमआई के जरिए होम लोन का भुगतान 37 महीने में पूरा हो जाएगा।
कहने का मतलब है कि इसमें 3 साल और एम महीने का वक्त लगेगा। तो सभी लोन चार साल और छह महीने में खत्म हो जाएंगे। ऐसे में ब्याज की भारी भरकम राशि की बचत भी हो सकेगी।
- लेखक bankbazaar.com के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर हैं।







