कैसे बढ़ी लिवाली
शेयर बायबैक कार्यक्रम से चढ़ गए रिलायंस के शेयर
बैंकों के शेयर निवेशकों के आकर्षण का केंद्र रहे
रियल्टी और आईटी शेयरों की भी अच्छी मांग रही
यूरोप का कर्ज संकट सुलझाने के प्रयासों से बंधी नई आस
भारतीय शेयरों के भावों में जनवरी, 2011 के दौरान 18 वर्षों में सर्वाधिक वृद्धि
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर बायबैक कार्यक्रम और आईसीआईसीआई बैंक के दमदार वित्तीय नतीजों से शेयर बाजार मंगलवार को फिर से झूम उठे। भारतीय स्टेट बैंक को नई पूंजी मुहैया कराने के सरकारी निर्णय और दुनिया भर के शेयर बाजारों से मिले तेजी के समाचारों से भी यहां कारोबारी मिजाज काफी सुधर गया।
ऐसे में बढ़ी शेयर लिवाली की बदौलत बॉम्बे शेयर बाजार का सेंसेक्स भी 330.25 अंकों अथवा 1.96 फीसदी की जोरदार बढ़त के साथ 17,000 से ऊपर 17,193.55 अंक पर बंद हुआ। इसके साथ ही सोमवार को सेंसेक्स में दर्ज की गई खासी गिरावट की लगभग पूरी तरह भरपाई मंगलवार को हो गई।
जहां तक जनवरी 2012 का सवाल है, यह भारतीय शेयरों के लिहाज से उल्लेखनीय महीना साबित हुआ है। इस दौरान भारतीय शेयरों के भावों में तकरीबन 2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है जो वर्ष 1994 के बाद यानी पिछले 18 वर्षों में जनवरी माह में सर्वाधिक वृद्धि को दर्शाती है। बाजार जानकारों ने बताया कि मंगलवार को बैंक शेयरों की भारी मांग देखी गई।
यही नहीं, बीएसई के सभी 13 सेक्टोरल इंडेक्स में से सबसे ज्यादा 3.84 फीसदी की बढ़ोतरी बैंकेक्स ने ही दर्शाई। इसी तरह रियल्टी, ऑटो, मेटल, रिफाइनरी एवं आईटी शेयर भी निवेशकों के आकर्षण का केंद्र रहे। उधर, सेंसेक्स की ताजा बढ़त में सबसे अधिक योगदान देने के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज दूसरे स्थान पर रही। इस दिग्गज कंपनी का शेयर बायबैक कार्यक्रम बुधवार से शुरू हो रहा है।
इसी के मद्देनजर रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर मंगलवार को 2.51 फीसदी चढ़ गए। बोनांजा पोर्टफोलियो की रिसर्च एनालिस्ट शानू गोयल ने भी कुछ इसी तरह की राय व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि आईसीआईसीआई बैंक और पीएनबी के वित्तीय नतीजे बाजार उम्मीदों से बेहतर रहने से मंगलवार को दोपहर वाले सेशन के दौरान शेयरों की लिवाली ने एकदम से जोर पकड़ लिया।
कुछ अन्य विश्लेषकों ने बताया कि यूरो जोन के कर्ज संकट को सुलझाने के प्रयासों के सार्थक नतीजे जल्द आने की उम्मीद में ज्यादातर एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली। एशियाई शेयर बाजारों के सूचकांकों ने 1.48 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्शाई। इसी तरह यूरोपीय शेयर बाजार भी मंगलवार को मजबूती के साथ खुले। इसका अनुकूल असर घरेलू शेयर बाजारों पर भी पड़ा।