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कंपनियों के खिलाफ निवेशकों की शिकायतों पर सेबी हुआ सख्त

बिजनेस ब्यूरो | Jan 04, 2013, 00:59AM IST
 
 


हर कंपनी खुलासा पहले एक्सचेंजों में हो : सेबी
मुंबई - पूंजी बाजार नियामक सेबी ने सूचीबद्ध कंपनियों को आदेश दिया है कि वे अपना हर डिसक्लोजर सबसे पहले संबंधित स्टॉक एक्सचेंज में करें। यहां जारी एक सर्कुलर में सेबी ने कहा है कि लिस्टिंग एग्रीमेंट की धारा 36 के तहत सूचीबद्ध कंपनियों को अपने प्रदर्शन, परिचालन या शेयर प्राइस पर असर पैदा कर सकने वाली हर जानकारी पहले स्टॉक एक्सचेंजों को देनी चाहिए।


कंपनियों द्वारा अपने मासिक बिक्री, टर्नओवर या उत्पादन के आंकड़े सार्वजनिक किए जाने के बढ़ते प्रचलन के मद्देनजर सेबी ने यह कदम उठाया है। सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों को कहा है कि वे अपने यहां सूचीबद्ध सभी कंपनियों को इस आशय की सूचना दे दें। (प्रेट्र)

निवेशकों द्वारा कंपनियों के खिलाफ की जाने वाली शिकायतों को लेकर पूंजी बाजार नियामक सिक्युरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) का रुख कड़ा हो रहा है। इसका पता इस तथ्य से चलता है कि निवेशकों की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए सेबी अब ज्यादा कंपनियों पर पेनाल्टी ठोक रहा है। इन सभी कंपनियों पर यह पेनाल्टी निवेशकों की शिकायतों का उचित समाधान न करने के चलते लगाई गई है।


सेबी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2012-13 की अब तक की अवधि के दौरान निवेशकों की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 11 कंपनियों पर पेनाल्टी लगाई जा चुकी है। जबकि, वित्त वर्ष 2011-12 के दौरान सेबी ने केवल पांच कंपनियों पर पेनाल्टी लगाई थी। वित्त वर्ष 2010-11 के दौरान तो महज तीन कंपनियों पर ही पेनाल्टी लगाई गई थी।


वित्त वर्ष 2012-13 के दौरान कंपनियों पर कुल मिलाकर 50.15 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई है। जबकि, वित्त वर्ष 2011-12 के दौरान यह आंकड़ा 53.30 लाख रुपये और वित्त वर्ष 2010-11 में 43 लाख रुपये के स्तर पर था। वर्ष 2010-11 के दौरान केलिडियोस्कोप फिल्म्स लिमिटेड पर लगाई गई 17 लाख रुपये की पेनाल्टी को सिक्युरिटीज अपीलीय ट्रिब्यूनल ने घटाकर सात लाख रुपये कर दिया था।


चालू वित्त वर्ष के दौरान सबसे ज्यादा 12 लाख रुपये की पेनाल्टी रोजलैब्स इंडस्ट्रीज पर लगी है। साथ ही, सबेरो ऑर्गेनिक्स पर 6.80 लाख रुपये और केनल ऑयल एंड एक्सपोर्ट इंडस्ट्रीज पर पांच लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है।


इसके अलावा अर्नेस्ट हेल्थकेयर पर 10 लाख रुपये, लोहिया पॉलियस्टर्स पर पांच लाख रुपये, गुजरात फिलामेंट्स पर पांच लाख रुपये, सतगुरु एग्रो इंडस्ट्रीज पर दो लाख रुपये, जोर्ड इंजीनियर्स इंडिया पर दो लाख रुपये, सिमको इंडस्ट्रीज पर 1.5 लाख रुपये, राज इरिगेशन पाइप्स एंड फिटिंग्स पर 75,000 रुपये व गुजरात एक्वा इंडस्ट्रीज पर 10,000 रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है।


निवेशकों का शिकायतों का समाधान न करने के चलते सेबी ने चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों के दौरान चार कंपनियों व इनके डायरेक्टरों पर शेयर बाजार में किसी तरह की गतिविधि न करने का प्रतिबंध भी लगाया है। यह कंपनियां हैं शुक्ला डाटा टेक्नीक्स, टॉप टेलीमीडिया, इंटरनेशनल होमटेक्स व अल्पाइन इंडस्ट्रीज।


सेबी ने सभी सूचीबद्ध कंपनियों को 14 सितंबर, 2012 तक इसके ऑनलाइन शिकायत समाधान सिस्टम स्कोर्स पर पंजीकरण कराने का आदेश दिया था। इसके बाद से निवेशकों की शिकायतें इसी सिस्टम पर दर्ज कराने व 30 दिन के भीतर इनका समाधान कराने की व्यवस्था शुरू हो चुकी है।


वित्त वर्ष 2012-13 की अब तक की अवधि के दौरान निवेशकों की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 11 कंपनियों पर पेनाल्टी लगाई जा चुकी है। जबकि, वित्त वर्ष 2011-12 के दौरान सेबी ने केवल पांच कंपनियों पर पेनाल्टी लगाई थी। वित्त वर्ष 2010-11 के दौरान तो महज तीन कंपनियों पर ही पेनाल्टी लगाई गई थी। वित्त वर्ष 2012-13 के दौरान कंपनियों पर कुल मिलाकर 50.15 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई है। जबकि, वित्त वर्ष 2011-12 के दौरान यह आंकड़ा 53.30 लाख रुपये और वित्त वर्ष 2010-11 में 43 लाख रुपये के स्तर पर था।

 
 
 

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