लांग पोजीशन से निकल लेने में ही है भलाई
एफआईआई का अच्छा प्रवाह देखा जा रहा है। नए साल के पहले सप्ताह में एफआईआई का एक अरब डॉलर से ज्यादा का प्रवाह दिखा है। इससे शेयरों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है।
हम कारोबारियों को लांग पोजीशन से हटने की सलाह देंगे। टाटा मोटर्स और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस जैसे हाई बीटा शेयरों से अलग हो जाएं। इसमें अगले छह से आठ सप्ताह में अहम करेक्शन हो सकता है।
पि छले सप्ताह बाजार ने आखिरकार में 6000 और उससे ऊपर का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर लिया। हम पिछले तीन महीने से लगातार यह कहते रहे हैं तेजडिय़े इस दौरान अच्छी कमाई करते रहे हैं। देखा जाए तो बाजार इस समय कमजोर धरातल पर टिका है और सिर्फ तरलता होने भर से इस स्तर पर टिकना मुश्किल होगा। हमने पिछली दो तिमाहियों में एफआईआई का अच्छा प्रवाह देखा है। नए साल के पहले सप्ताह में एफआईआई का एक अरब डॉलर से ज्यादा का प्रवाह दिखा है।
इससे शेयरों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। कीमतों में यह बढ़ोतरी बनी रहनी चाहिए क्योंकि कमाई में बढ़ोतरी हुई और में राजकोषीय घाटे को काबू करने के लिए आर्थिक सुधार के कई कदम भी उठाए जा रहे हैं। सरकार हर महीने डीजल की कीमत एक रुपये की बढ़ोतरी करने की सोच रही है। यह महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है लेकिन इससे सरकार को आम लोगों का गुस्सा झेलना पड़ता है।
तकनीकी रूप से देखें तो बाजार ने अपना 6000 का पहला लक्ष्य हासिल कर लिया है। मासिक चार्ट में बोलिंगर बैंड के ऊपरी छोर को कसौटी पर कसा जा रहा है और 6100 से 6200 का जोन अगले चार या छह सप्ताह में अहम रुकावट बन सकता है। बहरहाल, 6200 के कॉल ऑप्शन स्ट्राइक पर ओपन इंटररेस्ट में अधिकतम बिल्ट अप दिख रहा है। साफ है इससे तेजडिय़ों के अभियान को मुश्किल आ सकती है।
हालांकि दैनिक चार्ट में मजबूत ऊंचा टॉप और बॉटम चक्र चल रहा है। हमारा मानना है कि जब बाजार 6200 की ओर जा रहा हो तो कारोबारियों को अपनी लांग पोजीशन में कमी करनी चाहिए। हालांकि हम यह भी कहना चाहते हैं कि लांग पोजीशन घटाने का मतलब यह नहीं है कि फ्यूचर सेगमेंट शॉर्ट पोजीशन बन रही है।
हालांकि डॉलर संकेतक भी सतर्क करने वाला पहलू है। पहले यह 76 की ओर चल रहा था लेकिन अचानक इसने रास्ता बदल कर 80.85 से 79 के बीच चलना शुरू किया है और अब यह 79 से नीचे की ओर जा रहा है।
इस रुख में होने वाला परिवर्तन काबिलेगौर है क्योंकि यूएस फेडरल के अधिकारियों ने बांड खरीदने का कार्यक्रम 2013 तक रूक सकता है। इससे डॉलर को मजबूती मिलेगी और रुपये की स्थिति कमजोर हो सकती है। तकनीकी तौर पर भारतीय रुपया 55.35 से 54 के बीच रह सकता है। लेकिन यह स्थिति अगले तीन से चार सप्ताह में आ सकती है।
बहरहाल, जहां तक शेयरों का सवाल है तो हम कारोबारियों को लांग पोजीशन से हटने की सलाह देंगे। और टाटा मोटर्स और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस जैसे हाई बीटा शेयरों से अलग हो जाएंगे।
इसमें अगले छह से आठ सप्ताह में अहम करेक्शन हो सकता है। इन शेयरों में नकारात्मक रुझान देखते हुए तेजडिय़ों को सतर्क होना चाहिए। तेजडिय़ों को चाहिए कि वह इस मामले मं सावधान होकर दांव लगाएं। दूसरी ओर, चार्ट में एचसीएल टेक बुलिश दिख रहा है। अगर यह शेयर में 640 से ऊपर जाता है तो इसें खरीदारी की जा सकती है। इसमें 625 का स्टॉप लॉस लगाता सकता है। खासकर दो से तीन सप्ताह की अवधि के लिए।







