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सोलर लालटेन बनाने वालों पर पड़ रही है चीन की मार

बिजनेस भास्कर नई दिल्ली | May 05, 2011, 02:19AM IST
सोलर लालटेन बनाने वालों पर पड़ रही है चीन की मार

भारी अंतर
भारतीय सोलर लालटेन की कीमत 1100 रुपये है, चीनी लालटेन की कीमत मात्र 750 रुपये
भारत में बनने वाले सोलर चार्जर का दाम 750 रुपये है, चीनी चार्जर की कीमत केवल 550 रुपये


चीन से सस्ते सोलर लालटेन और सोलर लाइटिंग सिस्टम का व्यापक आयात होने के कारण इन उत्पादों के भारतीय निर्माता अपना कारोबार बंद करने का मन बना रहे हैं। सोलर लालटेन व सोलर लाइटिंग सिस्टम पर आयात शुल्क में 5 फीसदी की कटौती किए जाने से पिछले एक माह के दौरान भारतीय लालटेन, सोलर लाइटिंग आइटम और सोलर बैलेंस ऑफ सिस्टम के उत्पादन में 50 फीसदी तक की गिरावट आई है।


चीन से आने वाले इन सोलर उत्पादों की कीमतें भारत में बनने वाले सोलर आइटम के मुकाबले 30 से 40 फीसदी कम हैं। एक अनुमान के मुताबिक भारत में सोलर लालटेन और सोलर बैलेंस ऑफ सिस्टम  का 500 करोड़ रुपये से भी अधिक का कारोबार होता है।



भारतीय निर्माताओं के मुताबिक भारतीय सोलर लालटेन की कीमत 1100 रुपये है, वहीं चीनी लालटेन की कीमत मात्र 750 रुपये है। भारत में बनने वाले सोलर चार्जर का दाम 750 रुपये है, जबकि चीनी चार्जर की कीमत मात्र 550 रुपये है। इसी प्रकार 3500 रुपये में बिकने वाला भारतीय सोलर यूपीएस चीनी मॉडल में मात्र 2800-3000 रुपये में उपलब्ध है।


एल्टेक ब्रांड से लालटेन और सोलर यूपीएस जैसी चीजें बनाने वाले राजेश सिंघल कहते हैं कि चीन से आने वाले इन सोलर सामान की गुणवत्ता  भारत के मुकाबले काफी कम है और इससे पूरे बाजार पर फर्क पड़ रहा है। चीन में निर्मित सोलर लालटेन व अन्य सामान बहुत कम समय में खराब हो जाते हैं जिससे ग्राहकों के मन में यह बात बैठ जाती है कि सभी सोलर सामान खराब होते हैं।



सोलर लालटेन और सोलर बैलेंस ऑफ सिस्टम बनाने वाली कंपनी गौतम पॉलिमर के सीईओ गौतम मोहनका कहते हैं कि भारतीय उत्पादों की गिरती मांग को देखते हुए अब उत्पादन छोड़ चीनी सोलर आइटम बेचने में ही भलाई है। सालाना 30 करोड़ रुपये का कारोबार करने वाले मोहनका ने बताया कि पहले सोलर लालटेन और सोलर बैलेंस ऑफ सिस्टम (बीओएस) पर 10 फीसदी आयात शुल्क था।


वहीं, चालू वित्त वर्ष से यह आयात शुल्क घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया। वे कहते हैं कि भारतीय निर्माताओं को कच्चे माल की खरीदारी से लेकर उत्पाद शुल्क और बिक्री कर की कई प्रकार की समस्याओं से गुजरना पड़ता है। इससे अच्छा है कि वे चीनी सामान खरीदकर उसकी बिक्री करें।


सिगमा ब्रांड के सोलर लालटेन और सोलर लाइटिंग सिस्टम के निर्माता रंजीत सिन्हा कहते हैं कि उनके पास अब सिर्फ सरकारी ऑर्डर का काम बचा है। चीन से आयातित सस्ते माल के कारण उनकी बिक्री 50 फीसदी तक कम हो गई है। अगर यही हाल रहा तो उन्हें अपना उत्पादन बंद करना पड़ सकता है।

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