हमारे एक मित्र के पिताजी को दिल का दौरा पड़ा और इलाज करवाने में ख्म् लाख रुपए खर्च हो गए। ये सब पैसे अस्पताल में स्त्र महीने के दौरान खर्च किए गए थे। चलिए हमारे ये मित्र तो अच्छी कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत थे और वेतन भी अच्छा मिलता था तो उन्हें पैसे के लिए कुछ खास मशक्कत नहीं करनी पड़ी, अपने इ`िटी डायवर्सिफायड म्यूचुअल फंड से पैसे निकाल कर उसने भुगतान कर दिया था। भगवान न करे कि किसी को ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़े लेकिन अगर आपके आश्रितों के साथ ऐसा ही हुआ तो भुगतान कौन करेगा? आप या आपकी कंपनी या आपके रिश्तेदार। अगर आप इस प्रoA का जवाब नहीं ढूंढ़ पा रहे हैं तो आपको स्वास्थ्य बीमा के बारे में सोचना चाहिए। ऐसी विकट परिस्थिति में स्वास्थ्य बीमा आपकी बखूबी मदद करता है।
स्वास्थ्य बीमा या मेडिक्लेम पॉलिसियां पारंपरिक तौर पर साधारण बीमा कंपनियां ही बेचा करती थीं। अब कुछ जीवन बीमा कंपनियां भी अब स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां बेच रही हैं। सवाल यह है कि स्वास्थ्य बीमा के लिए जीवन बीमा कंपनियों से स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ली जाए या जीवन बीमा पॉलिसी के साथ हॉस्पिटल कैश बेनिफिट, क्रिटिकल इलनेस आदि जैसे राइडर लिए जाएं या फिर पारंपरिक मेडिक्लेम पॉलिसी साधारण बीमा कंपनियों से ली जाए?
ऑप्टिमा इंश्योरेंस ब्रोकर्स के मुख्य कार्याधिकारी राहुल अग्रवाल के अनुसार, साधारण बीमा कंपनियांे की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी या मेडिक्लेम इंडेमिAटी पॉलिसी है। जिसका मतलब है कि इलाज पर होने वाले आपके सार खर्च या तो आपको लौटा दिए जाते हैं या फिर साधारण बीमा कंपनी के पैनल में आने वाले अस्पतालों में आपका इलाज बिना पैसों का भुगतान किए हो जाता है।
जीवन बीमा कंपनियों के राइडर, जिसे हॉस्पिल कैश बेनिफिट या एचसीबी के नाम से जाना जाता है, इससे भिन्न होते हैं। हॉस्प्टिल कैश बेनिफिट के तहत अस्पताल में भर्ती होने की दशा में एक निश्चित राशि का भुगतान दैनिक आधार पर किया जाता है। जीवन बीमा पॉलिसी की अवधि में हॉस्पिटल कैश बेनिफिट का लाभ अधिकतम 180 दिनों के लिए उठाया जा सकता है। अवीवा लाइफ इंश्योरेंस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हॉस्पिटल कैश बेनिफिट का लाभ पूरी पॉलिसी अवधि में 180 दिनों के लिए मिलता है। अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती होने की दशा में 1,000 रुपये प्रति दिन और आईसीयू में इलाज करवाने की दशा में 3,000 रुपये प्रति दिन का भुगतान किया जाता है। टाटा एआईजी के लाइफ एश्योर प्लस में हॉस्प्टिलाइजेशन की सुविधा 700 दिन के लिए मिलती है और 900 से अधिक सर्जरी इसमें शामिल हैं।
हॉस्पिटल कैश बेनिफिट का लाभ पाने के लिए पॉलिसीधारक को प्रीमियम के तौर पर अच्छी खासी राशि का भुगतान करना होता है। अग्रवाल कहते हैं कि ऐसे राइडर महंगे होते हैं। दूसरी बात यह है कि कौन सी बीमारी या सर्जरी कवर की जानी है यह पहले से ही तय होता है। इससे भिन्न बीमारी या सर्जरी के मामले में जीवन बीमा कंपनियों के साथ दावा नहीं किया जा सकता।
कुछ जीवन बीमा कंपनियों ने भी हेल्थ इंश्योरेंस लॉन्च किए हैं। बजाज आलियांज की केयर फस्र्ट ऐसी ही योजना है। केयर फस्र्ट पॉलिसी के मामले में पॉलिसीधारक अपने परिवार के अलावा अपने सास-ससुर को भी पॉलिसी में शामिल कर सकता है। अग्रवाल कहते हैं कि यह पॉलिसी आकर्षक तो है लेकिन साधारण बीमा कंपनियों की पॉलिसी से तुलना कर देखें तो सामान्य उम्र वर्ग के मामले में यह 25 फीसदी और अधिक उम्र वालों के लिए यह 75 प्रतिशत तक महंगा पड़ता है।
एगॉन रलिगेयर लाइफ इंश्योरेंस भी मेडिक्लेम से मिलती-जुलती पॉलिसी लेकर आने वाली है। पॉलिसी लॉन्च होने की आधिकारिक घोषणा, हालांकि, अभी तक नहीं की गई है। एगॉन रलिगेयर लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य कार्याधिकारी राजीव जमखेडकर के अनुसार यह पॉलिसी जुलाई में लॉन्च हो जाएगी। साधारण बीमा कंपनियों की मेडिक्लेम पॉलिसी पारंपरिक तौर पर इस्तेमाल में लाई जाती रही है। सर्टिफायड फाइनैंशियल प्लानर हेमंत बेनिवाल के अनुसार, इन पॉलिसियों के मामले में भी यह देखा जाना चाहिए किस कंपनी की पॉलिसी के तहत आपको बेहतर सुविधाएं कम प्रीमियम पर हासिल हो रही हैं।