जांच:- अब से 5 लाख रुपये तक इनपुट टैक्स रिबेट लेने वाले सभी प्रकरणों की नए सिरे से जांच की जाएगी। जांच के बाद गलत आईटीआर लेने वाले व्यापारियों के खिलाफ पुलिस एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं।
बोगस टिन नंबरों को तत्काल निरस्त करने के आदेश
सरकार द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न टैक्स रिबेट का गलत फायदा उठाने वाले व्यापारियों के खिलाफ वाणिज्यिक कर विभाग सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इसके तहत 5 लाख रुपये तक इनपुट टैक्स रिबेट (आईटीआर) लेने वाले सभी प्रकरणों की नए सिरे से जांच की जाएगी। जांच के बाद गलत आईटीआर लेने वाले व्यापारियों के खिलाफ पुलिस एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं।
प्रदेश के वाणिज्यिक कर मंत्री अमर अग्रवाल ने बताया कि पिछले लंबे समय व्यापारियों द्वारा वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा दी जा रही विभिन्न छूटों का गलत इस्तेमाल किए जाने की सूचना मिल रही है। इसके चलते विभाग को भारी चपत लग रही थी। इसे देखते हुए विभाग को व्यवसायियों द्वारा लिए गए आईटीआर का रेण्डम जांच करने के निर्देश दिए। वाणिज्यिक कर के सभी संभागीय उपायुक्तों से कहा है कि वे 5 लाख रुपये तक के सभी आईटीआर लेने वाले सभी प्रकरणों का फिर से सत्यापन किया जाए।
जांच में गलत आईटीआर लेने के दोषी व्यवसायियों के खिलाफ अधिकतम पैनाल्टी लगाने के साथ ही उनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही दोषी पाए गए ऐसे व्यवसायियों का टिन नंबर तत्काल निरस्त करते हुए उनके बैंक खाते भी सील किए जाएंगे। अग्रवाल ने बताया कि आईटीआर के साथ ही बोगस और अकार्यशील टिन नंबर से जुड़ी शिकायतें भी विभाग को मिल रही हैं।
पिछले साल भी इन्हीं शिकायतों को देखते हुए लगभग 40 हजार व्यापारियों के पंजीयन निरस्त कर दिए गए थे। अभी भी प्रदेश में बहुत से व्यापारी बोगस टिन नंबरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त कई लोगों ने टिन नंबर प्राप्त करने के बाद भी लंबे समय से इसका इस्तेमाल नहीं किया गया है। ऐसे अकार्यशील टिन नंबरों के आधार पर अवैध कारोबार की संभावनाएं काफी अधिक रहती हैं।
इसे देखते हुए अब एक बार फिर नए सिरे से टिन नंबरों के सत्यापन के लिए अभियान चलाने निर्देश वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों को दिए। साथ ही जांच के दौरान बोगस और अकार्यशील पाए गए टिन नंबरों को तत्काल निरस्त करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।