टैक्स बचत बांड से मिलेगा निवेशकों को नया रास्ता

मासिक आधार पर बाजार के अच्छा चलने की उम्मीद है। निफ्टी ऊपरी स्तर पर 5950 से 5800 का स्तर बनाए रखेगा। अगर निफ्टी 5890 के ऊपर जाता है तो यह लक्ष्य फिर 5950 से 6000 का हो सकता है।
तीन भारी आईपीओ के अलावा कई टैक्स बचत बांड आ रहे हैं। जिसमें आरईसी ने दस्तक दिया है। मार्च तक तो कुल नौ कर बचत बांड आ रहे हैं, जिनसे निवेशक चाहे तो अगले पांच-दस सालों के लिए अपनी राशि को फिक्स कर दे।
बाजार का रुख
कई ऑफर फॉर सेल से बाजार को मिलेगी मजबूती
टैक्स बचत बांड की वजह से निवेशकों के पास विकल्प
बाजार आगे बढ़ेगा, जीडीपी के आंकड़ों की परवाह नहीं करेगा
सुधार के कदम उठे तो बाजार में और तेजी आने की संभावना
न वंबर का अंतिम हफ्ते को पूरे बाजार के लिए एक रिवाइवल का हफ्ता कह सकते हैं। यह अलग बात है कि जीडीपी के आंकड़े कम आए हैं, लेकिन अन्य मामलों में बाजार ने एक उत्साह छेड़ दिया है। पूंजी बाजार में तमाम निर्गमों के अलावा कर बचत के आ रहे विकल्पों, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के संवेदी सूचकांक का तीन दिनों में हजार अंक के करीब बढऩे और संसद में एफडीआई पर गतिरोध खत्म होने के मामलों ने यह संकेत दे दिया है कि यहां से मार्च तक की बात करें तो बाजार 21,000 का आंकड़ा छू सकता है। बात केवल आंकड़े की नहीं है, इन चार महीनों में ऐसा कुछ हो सकता है, जिसका अनुमान पिछले महीने तक किसी को नहीं रहा हो।
भारती इंफ्राटेल के आईपीओ के आधिकारिक घोषणा से पहले 27 नवंबर तक किसे अनुमान था कि अचानक तीन दिनों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतना कुछ सकारात्मक संकेत आ जाएगा कि सेंसेक्स हजार अंक की बढ़त हासिल कर लेगा? लेकिन यह हुआ। महज तीन दिनों में ऐसी तस्वीर बदली कि सब कुछ ऐसा लग रहा है, मानो पहले से तय था। भारती के अलावा पीसी ज्वेलर्स, केयर, एनएमडीसी के ऑफर फॉर सेल आदि निर्गम भी आ रहे हैं, जिससे बाजार को मजबूत सहारा मिलेगा। इस महीने में कुल 18,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना विभिन्न तरीके से हैं।
टैक्स बचत बांड की बहार
बाजार के ब्रोकर और मर्चेंट बैंकर मानते हैं कि अगला 15 दिन उनके लिए इतना व्यस्त रहेगा कि इस पूरे कैलेंडर साल में जितना व्यस्त नहीं था। इसका कारण यह है कि तीन भारी भरकम प्रारंभिक निर्गम के अलावा कई कर बचत बांड आ रहे हैं। जिसमें आरईसी ने दस्तक दिया है। मार्च तक तो कुल 9 कर बचत बांड आ रहे हैं, जिनसे निवेशक चाहे तो अगले पांच-दस सालों के लिए अपनी राशि को फिक्स कर दे।
हालांकि निवेशकों को अभी भी कर बचत वाले बांड का इंतजार करना चाहिए। क्योंकि जिन नौ कंपनियों के कर बचतवाले बांड आ रहे हैं, हो सकता है कि उन बांडों में आरईसी से ज्यादा ब्याज दरें हों और अगर ज्यादा नहीं भी हुई तो भी इससे कम ब्याज दर नहीं होगी। इसलिए थोड़ा इंतजार करना निवेशकों के लिए कुछ फायदे का सौदा हो सकता है। इस बीच अगर किसी अच्छी कंपनी का आईपीओ या अन्य निर्गम आता है तो उसमें भी कुछ पैसे लगा सकते हैं। तब तक बैंकों की सावधि जमा की ब्याज दरों की तस्वीर भी सामने आ जाएगी।
बाजार की राह में नई आएगी जीडीपी
हाल में आए जीडीपी आंकड़े भले निराशाजनक हों, लेकिन इसके बावजूद बाजार अपनी तरह से आगे बढ़ेगा। बाजार को बढऩे में जीडीपी कोई बाधक नहीं बनेगा। विश्लेषक मानते हैं कि महज चार महीने बचे हैं। इस वित्त वर्ष में, ऐसे मे जीडीपी का आंकड़े से फर्क नहींं पड़ेगा। एक उदाहरण यह भी है कि महज तीन दिनों में सेंसेक्स ने जो 3.5 फीसदी की छलांग लगाई है, उससे निवेशकों को 2.27 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। महज तीन दिनों मे इतना फायदा होना निवेशकों के लिए राहत की बात है।
जेपी और सिप्ला पर दांव लगाएं
रेलिगेयर सिक्युरिटीज के राजेश जैन कहते हैं कि इस समय निवेशकों के लिए जयप्रकाश एसोसिएट्स और सिप्ला जैसे शेयर खरीदना चाहिए। क्योंकि यह शेयर भविष्य में अच्छा चल सकते हैं। जबकि निर्मल बंग सिक्युरिटीज की राय है कि निवेशकों को इंडसइंड बैंक और जिंदल स्टील के शेयरों को खरीदने में भविष्य में मुनाफा मिल सकता हे।
जयप्रकाश एसोसिएट्स के शेयरों का वर्तमान भाव 96 रुपये है, जबकि 52 हफ्ते का उच्च भाव 97 रुपये, न्यूनतम 50 रुपये है। सिप्ला के शेयरों का वर्तमान भाव 414 रुपये, उच्च स्तर पर 415 और न्यूनतम 286 रुपये, इंडसइंड शेयरों का वर्तमान भाव 417 रुपये, उच्च स्तर पर 420 और न्यूनतम 221 रुपये, और जिंदल स्टील के शेयरों का वर्तमान भाव 402 रुपये, उच्च स्तर पर 663 तथा न्यूनतम 321 रुपये रहा है। इस तरह से इन शेयरों में आगे अच्छा मुनाफा मिलने के संकेत हैं। निर्मल बंग के मुताबिक इंडसइंड बैंक का शेयर मार्च 2009 से आउटपरफार्म कर रहा है।
सुधार होगा तो बाजार बढ़ेगा
कोटक सिक्युरिटीज के रिसर्च हेड दीपेन शाह कहते हैं कि पिछले सप्ताह वैश्विक शेयर बाजारों के साथ भारतीय बाजार ने अच्छा प्रदर्शन किया है। आगे उम्मीद है कि नेशनल इनवेस्टमेंट बोर्ड (एनआईबी) की तेजी से स्थापना होगी। इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स सेक्टर को तेजी मिलेगी। हमारा अनुमान है कि आर्थिक सुधार के मसले पर कुछ और अच्छे कदम उठा सकती है।
रिजर्व बैंक की नीतियों पर होनेवाली बैठक और फिस्कल क्लिफ के मुद्दे पर बाजार की निगाह बनी रहेगी। उनका कहना है कि यदि सरकार कुछ महत्वपूर्ण सुधारों पर अमल करती है तो यहां से बाजार में और तेजी आने की संभावना है। खासकर जिन सेक्टरों की पिटाई हुई है, उसमें अच्छी तेजी दिखेगी। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र, कैपिटल गुड्स, सार्वजनिक बैंक और अन्य सेक्टर हैं।
यह कदम रुपये को भी सपोर्ट दे सकता है। बोनांजा पोर्टफोलियो लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश गोयल कहते हैं कि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने नवंबर महीने में भी खरीदी जारी रखी है। हालांकि कुछ मुनाफा वसूली होने की संभावना है, पर बाजार यहां से आगे ही जाएगा। उनके मुताबिक जुलाई 2012 से लेकर अब तक विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार हर महीने में खरीदी करते नजर आ रहे हैं।
भारतीय स्टॉक बाजार मासिक आधार पर अच्छा चलने की संभावना है। उनके मुताबिक निफ्टी ऊपरी स्तर पर 5950 से 5800 का स्तर बनाए रखेगा। यदि 5890 के ऊपर निफ्टी जाता है तो यह लक्ष्य फिर 5950 से 6000 का हो सकता है।







